ट्रंप का ऐलान: हमास ने वादा तोड़ा तो हथियार उठाकर अमेरिका करेगा हिसाब

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को साफ चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने हथियार नहीं डाले तो अमेरिका उन्हें खुद जब्त करेगा. उन्होंने इसे निर्णायक कार्रवाई बताया.

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

International News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस से कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि शांति समझौते के तहत हमास को अपने हथियार सौंपने होंगे. ट्रंप ने साफ कर दिया कि अगर हथियार नहीं छोड़े गए, तो अमेरिकी सेना उन्हें जब्त करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि अब दुनिया यह देख रही है कि हमास अपने वादे पर टिकता है या नहीं.

गाजा युद्धविराम का संदर्भ

ट्रंप का यह बयान गाजा में हुए युद्धविराम के अगले ही दिन आया. उन्होंने कहा कि यह समझौता पूरे मिडिल ईस्ट के लिए नई सुबह है. आतंक, अराजकता और बर्बादी का जो दौर अब तक चला, वह खत्म हो चुका है. उन्होंने इसे एक लंबे और दर्दनाक दुःस्वप्न का अंत बताया. इस बयान ने लोगों में उम्मीद भी जगाई और हमास पर दबाव भी बढ़ा दिया.

अर्जेंटीना बैठक का मंच

यह बयान ट्रंप ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली के साथ लंच के दौरान दिया. इसी मौके पर अमेरिका ने अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए 20 अरब डॉलर की सहायता देने की घोषणा भी की. ट्रंप ने इस कूटनीतिक बैठक के बीच हमास को संदेश देकर दिखाया कि उनका एजेंडा सिर्फ आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है. सुरक्षा और शांति भी उनकी प्राथमिकता है.

इजराइल संसद में संबोधन

ट्रंप ने इजराइल की संसद, नेसेट में भी भाषण दिया. उन्होंने कहा कि यह युद्धविराम केवल दुश्मनी खत्म करने का नाम नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए बदलाव का संकेत है. उन्होंने कहा कि लगभग पूरे मिडिल ईस्ट ने इस योजना का समर्थन किया है. इसका मतलब है कि अब गाजा से सैन्य ताकतें हटेंगी और हमास को पूरी तरह निरस्त्र होना पड़ेगा.

आतंक के युग का अंत

ट्रंप ने कहा कि यह केवल युद्ध का अंत नहीं, बल्कि आतंक और मौत के युग का अंत है. उन्होंने कहा कि लोग अब शांति और समृद्धि के नए युग में प्रवेश करेंगे. गाजा को सैन्य रूप से खाली कराना और हमास को हथियारों से मुक्त करना इस दिशा का पहला कदम है. उनका दावा है कि क्षेत्र की ज्यादातर सरकारें इस योजना पर सहमत हैं.

इजराइल की सुरक्षा सुनिश्चित

ट्रंप ने कहा कि अब इजराइल को किसी भी खतरे का सामना नहीं करना पड़ेगा. क्योंकि सैन्य साधनों से जितना हासिल किया जा सकता था, इजराइल ने कर लिया है. अब समय है इन विजयों को स्थायी शांति और खुशहाली में बदलने का. उनका संदेश था कि अब हथियारों की जगह विकास और भाईचारे पर ध्यान दिया जाएगा.

हमास पर बढ़ा दबाव

ट्रंप के सख्त बयान से हमास पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ गया है. अगर वे हथियार नहीं डालते तो उन्हें खुद अमेरिका की कार्रवाई का सामना करना होगा. यह संदेश न केवल हमास बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट के लिए था. ट्रंप ने दुनिया को दिखा दिया कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं. आने वाले दिनों में इस पर अमल से क्षेत्र की दिशा तय होगी.

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