ईरान ने अमेरिका के सबसे एडवांस फाइटर जेट F-35 को बनाया निशाना, वायरल वीडियो ने किया खुलासा

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है. वीडियो जारी कर ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी एफ-35 फाइटर जेट को अपने आसमान में निशाना बनाया है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी एफ-35 फाइटर जेट को अपने आसमान में निशाना बनाया. ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें कथित तौर पर सर्फेस-टू-एयर मिसाइल से एफ-35 को टारगेट करने का दावा किया गया है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है.

अमेरिकी कैप्टन का दावा 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने पुष्टि की कि एक एफ-35 जेट ईरान के ऊपर कॉम्बैट मिशन पर था, जब उसे इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. जेट मिडिल ईस्ट में एक अमेरिकी एयर बेस पर सुरक्षित उतरा और पायलट की हालत स्थिर है. 

घटना की जांच चल रही है. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, दो सूत्रों ने बताया कि जेट को ईरानी फायर से नुकसान पहुंचा, जिसके कारण इमरजेंसी लैंडिंग हुई. अगर यह पुष्टि हो जाती है, तो यह फरवरी के अंत से शुरू हुए संघर्ष में अमेरिकी विमान पर ईरान का पहला सफल हमला होगा.

बता दें, एफ-35 लाइटनिंग II दुनिया के सबसे महंगे और एडवांस्ड स्टेल्थ फाइटर जेट में से एक है, जिसकी कीमत 10 करोड़ डॉलर से ज्यादा है. अमेरिका और इजरायल दोनों ही इस युद्ध में इन जेट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं.

वीडियो जारी कर ईरान का दावा

ईरान ने वीडियो जारी कर दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने सेंट्रल ईरान के आसमान में एफ-35 को गंभीर नुकसान पहुंचाया. आईआरजीसी के बयान में कहा गया कि जेट को लगभग 2:50 बजे (स्थानीय समय) हिट किया गया और उसके क्रैश होने की संभावना ज्यादा है. हालांकि, अमेरिकी पक्ष ने सिर्फ इमरजेंसी लैंडिंग की पुष्टि की है, न कि क्रैश की. 

यह वीडियो ओएसआईएनटीडिफेंडर जैसे अकाउंट्स पर शेयर हुआ, जिसमें मिसाइल लॉन्च और हिट का दावा दिखाया गया है. कई एक्सपर्ट्स वीडियो की सत्यता पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन यह स्टेल्थ टेक्नोलॉजी की सीमाओं पर बहस छेड़ रहा है. स्टेल्थ का मतलब अदृश्य होना नहीं, बल्कि रडार सिग्नेचर को बहुत कम करना है. बार-बार मिशन से पैटर्न बनने पर दुश्मन इसे ट्रैक कर सकता है.

युद्ध का बड़ा प्रभाव और आंकड़े

यह घटना युद्ध के बीच आई है, जहां इजरायल ने 20 मार्च 2026 को तेहरान पर हमले किए, जबकि ईरान में नवरोज (फारसी न्यू ईयर) मनाया जा रहा था. युद्ध में ईरान में 1,300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. अमेरिकी सेना के कम से कम 13 जवान शहीद हुए हैं.

लेबनान में इजरायली हमलों से हिजबुल्लाह पर 1,000 से ज्यादा मौते हुई और 10 लाख से अधिक लोग बेघर हुए. इजरायल का दावा है कि उसने 500 से ज्यादा हिजबुल्लाह लड़ाकों को मारा. इजरायल में ईरानी मिसाइल हमलों से 15 लोग मारे गए, जबकि वेस्ट बैंक में 4 मौते हुई.

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