गुप्त तरीके से रूस पहुंचे ईरान के सुप्रीम लीडर? सीक्रेट ऑपरेशन की खबरों ने बढ़ाई हलचल
एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा को स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से गुप्त रूप से रूस ले जाया गया, जहां उनका ऑपरेशन हुआ. हालांकि इन खबरों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते टकराव के बीच एक नई खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है. लंबे समय से रूस की भूमिका को लेकर केवल अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को गुप्त रूप से रूस ले जाया गया है. अगर यह खबर सच साबित होती है, तो यह मौजूदा संघर्ष में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है.
कुवैत के अखबार अल जरीदा की रिपोर्ट के अनुसार, मोजतबा खामेनेई को स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से एक बेहद गुप्त अभियान के तहत रूस पहुंचाया गया. बताया गया है कि उन्हें रूसी सैन्य विमान के जरिए मॉस्को ले जाया गया, जहां उनका ऑपरेशन किया गया और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के दिनों में उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई थी और सुरक्षा एजेंसियों को उनकी लोकेशन उजागर होने का भी डर था. इसी कारण उन्हें ईरान से बाहर ले जाने का फैसला लिया गया. हालांकि इन दावों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
बमबारी के बीच इलाज संभव नहीं था
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तेहरान में लगातार हमलों और तनावपूर्ण हालात के कारण उनका इलाज सुरक्षित तरीके से कर पाना मुश्किल हो रहा था. इसी वजह से उन्हें रूस भेजने का निर्णय लिया गया. बताया गया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें अपने देश में सुरक्षित इलाज की पेशकश की थी. इसके बाद उन्हें मॉस्को के राष्ट्रपति भवन परिसर में मौजूद एक विशेष अस्पताल में भर्ती कराया गया. दावा किया गया है कि वहां पहुंचने के बाद उनकी सर्जरी भी की गई और फिलहाल उनका इलाज जारी है.
सुरक्षा एजेंसियों को था खतरे का अंदेशा
सूत्रों के अनुसार, ईरान की सुरक्षा एजेंसियों को डर था कि खामेनेई की लोकेशन लीक हो सकती है. इसी वजह से उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाने की सलाह दी गई थी. कहा जा रहा है कि पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बातचीत के दौरान यह प्रस्ताव रखा गया था और बाद में इस पर सहमति बन गई. हालांकि ईरानी अधिकारियों ने अब तक इन रिपोर्टों की पुष्टि नहीं की है. उनका कहना है कि मोजतबा खामेनेई सुरक्षित हैं और उनका इलाज जारी है.
घायल होने की भी आई थीं खबरें
हाल के दिनों में यह खबरें भी सामने आई थीं कि मोजतबा खामेनेई हालिया हमलों में घायल हो गए हैं. हालांकि ईरान की सरकार ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा था कि उनकी हालत ठीक है. इसके बावजूद उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं.
ट्रंप ने उठाए सवाल
इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर सवाल उठाए. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी पता नहीं है कि खामेनेई जिंदा हैं या नहीं. ट्रंप ने कहा, “अब तक किसी ने उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाया है. मैं सुन रहा हूं कि शायद वह जिंदा भी नहीं हैं. अगर वह जिंदा हैं, तो उन्हें अपने देश के लिए समझदारी से फैसला लेना चाहिए.”


