ईरान जंग के बीच होर्मुज में डर गहराया, अमेरिका ने माइंस हटाने वाले जहाज दूर भेजे

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने होर्मुज जलडमरूमध्य को युद्ध का मैदान बना दिया है। अब खबर है कि अमेरिका ने माइंस हटाने वाले अपने दो जहाज मिडिल ईस्ट से दूर भेज दिए।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग ने समुद्र को भी बेचैन कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिना जाता है। यहीं से दुनिया के तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। लेकिन अब यह रास्ता लगभग बंद जैसा हो गया है। ईरान पर आरोप है कि उसने समुद्र में हजारों माइंस बिछा दी हैं। जिससे जहाजों के लिए रास्ता बेहद खतरनाक हो गया है। इस हालात ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।

क्या अमेरिका ने जहाज हटा लिए?

इसी बीच अमेरिकी नौसेना को लेकर नई जानकारी सामने आई है। माइंस खोजने और हटाने वाले तीन जहाजों में से दो मिडिल ईस्ट से दूर देखे गए हैं। USS टुल्सा और USS सांता बरबरा को एशिया में देखा गया। ये जहाज मलेशिया के पेनांग राज्य के बंदरगाह पर खड़े पाए गए। यह जगह उनके बहरीन बेस से करीब 3500 मील दूर है। आमतौर पर ये जहाज खाड़ी क्षेत्र में तैनात रहते हैं। इस वजह से सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या कारण अब तक साफ नहीं?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमेरिका ने इन जहाजों को वहां से क्यों हटाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस पर कोई साफ जवाब नहीं दिया है। इंडो-पैसिफिक कमांड ने भी चुप्पी साध रखी है। पेंटागन ने भी सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा। सिर्फ इतना बताया गया कि मामला इंडो-पैसिफिक कमांड देख रही है। यानी असली वजह अभी भी रहस्य बनी हुई है। और इसी कारण अटकलें और तेज हो गई हैं।

ये जहाज कितने खास हैं?

USS टुल्सा और USS सांता बरबरा इंडिपेंडेंस क्लास के जहाज हैं। इनका काम समुद्र में बिछी माइंस को ढूंढना और हटाना होता है। इनमें खास सोनार सिस्टम लगे होते हैं। जो पानी के अंदर छिपे विस्फोटकों को पहचान लेते हैं। इसके अलावा अंडरवाटर ड्रोन भी इस्तेमाल किए जाते हैं। हेलिकॉप्टर की मदद से भी माइंस को खोजा जाता है। यानी यह जहाज समुद्री युद्ध में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं।

तीसरा जहाज अभी खाड़ी में?

अमेरिका का तीसरा जहाज USS कैनबरा अभी भी अरब खाड़ी में मौजूद बताया जा रहा है।पहले अमेरिका के पास एवेंजर क्लास के चार पुराने जहाज थे। लेकिन उन्हें पिछले साल हटा दिया गया। उनकी जगह इन नए जहाजों को लाया गया था। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इन जहाजों की तकनीक अभी पूरी तरह परखी नहीं गई है। इनका आकार भी बड़ा है। जिससे माइंस वाले समुद्र में इन्हें चलाना मुश्किल हो सकता है।

क्या दुनिया मदद को तैयार?

इस बीच कई देशों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। ब्रिटेन ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर वह माइंस हटाने वाले ड्रोन भेज सकता है। लेकिन जापान और ऑस्ट्रेलिया ने साफ कर दिया है कि वे अभी सैन्य संसाधन भेजने पर विचार नहीं कर रहे हैं। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों से मदद मांगी है। उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान और यूके से सहयोग की अपील की। ताकि होर्मुज का रास्ता फिर से खोला जा सके।

क्या ईरान ने माइंस बिछा दीं?

खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि ईरान ने समुद्र में 5000 से ज्यादा माइंस बिछाई हैं।ये माइंस जहाजों को रोकने के लिए लगाई गई हैं। कुछ समुद्र तल पर हैं तो कुछ सतह के पास छिपी हैं। इसी वजह से जहाजों के लिए रास्ता बेहद खतरनाक हो गया है। अमेरिका ने दावा किया है कि उसने माइंस बिछाने वाली 16 ईरानी बोट्स को तबाह कर दिया। लेकिन इसके बावजूद खतरा अभी भी बना हुआ है।और होर्मुज का रास्ता पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा रहा।

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