टब में भरकर रखें पानी...पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने आवाम को बाढ़ से निपटने के बताया अजीबोगरीब उपाय, इंटरनेट पर उड़ी खिल्ली

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बाढ़ को नेमत बताकर टबों में पानी भरने की सलाह दी, जिससे सोशल मीडिया पर भारी आलोचना हुई. देश में बाढ़ से 850 से अधिक मौतें और लाखों विस्थापित हुए हैं. उन्होंने भारत को पानी छोड़ने का जिम्मेदार ठहराया और छोटे जलग्रहण क्षेत्रों पर ध्यान देने की बात कही.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Pakistan floods: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की बाढ़ पर की गई टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त विवाद खड़ा कर दिया है. जहां देश इस समय भीषण बाढ़ और भारी बारिश से जूझ रहा है, वहीं आसिफ ने लोगों से कहा कि वे बाढ़ को “नेमत” यानी ईश्वर की कृपा समझें और इस पानी को टबों व बर्तनों में भरकर जमा करें.

एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जो लोग बाढ़ का विरोध कर रहे हैं, उन्हें इसे आशीर्वाद समझना चाहिए. वे इस पानी को घर ले जाकर, टबों और बर्तनों में इकट्ठा करें. जब तक देश में बांध नहीं बनते, यह तरीका अपनाया जाए. उनकी इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं और यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या यह संवेदनशीलता दिखाने का तरीका है.

छोटे वाटर स्टोरेज बनाने का दिया सुझाव

ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को बांधों की बजाय छोटे वाटर स्टोरेज पर ध्यान देना चाहिए, जिन्हें कम समय में बनाया जा सके. उन्होंने बताया कि एक बड़े बांध को बनने में 10 से 15 साल लग जाते हैं, इसलिए अभी के लिए छोटे समाधान ढूंढे जाने चाहिए.

भीषण बाढ़ का कहर

पाकिस्तान के कई हिस्सों में बाढ़ ने विनाशकारी रूप ले लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 850 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. सिंध और पंजाब सबसे ज़्यादा प्रभावित प्रांत हैं. आपातकालीन सेवाओं ने अब तक 9 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है. राहत और बचाव अभियान में ड्रोन और हेलिकॉप्टर की मदद ली जा रही है.

भारत को ठहराया बाढ़ का जिम्मेदार

ख्वाजा आसिफ ने इस प्राकृतिक आपदा के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भारत ने अपनी ओर से नदी का पानी छोड़ा, जिससे पाकिस्तान के निचले इलाकों में जलस्तर अचानक बढ़ गया.

उफान पर हैं नदियां

मौसम विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की तीन प्रमुख नदियां रावी, चिनाब और सतलुज एक साथ उफान पर हैं, जिससे कृषि भूमि, गांव और ग्रामीण बस्तियां जलमग्न हो गई हैं. चिनाब नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसके मंगलवार तक मुल्तान जिले तक पहुंचने की आशंका जताई गई है. वहीं पंजनद नदी का जलस्तर 5 सितंबर को चरम पर पहुंच सकता है. सतलुज का पानी भी तेजी से सुलेमानकी और हेड इस्लाम बैराज की ओर बढ़ रहा है, जिससे खतरा और भी गहरा गया है.

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