ट्रंप के 'मिशन वेनेजुएला' से घबराया किम जोंग उन, परमाणु हथियारों पर बड़ा फैसला
अमेरिका के 'मिशन वेनेजुएला' ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप के इस सख्त कदम से नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन चिंतित हैं और अब देश की परमाणु ताकत बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी गई है.

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला में चलाए गए सैन्य अभियान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इस ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सत्ता का अंत हुआ और उन्हें उनकी पत्नी के साथ अमेरिका की जेल में बंद किया गया. इसे केवल ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि अमेरिका की सख्त वैश्विक चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है.
इस घटनाक्रम का असर अब नॉर्थ कोरिया तक दिखाई देने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अमेरिकी कदम ने नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसके बाद वह अपने परमाणु हथियारों और मिसाइल क्षमताओं को तेजी से मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं.
परमाणु हथियारों को बढ़ाने में जुटा नॉर्थ कोरिया
नॉर्थ कोरिया के सरकारी मीडिया के अनुसार, किम जोंग उन अपनी पार्टी की अहम बैठक में देश की परमाणु शक्ति को और मजबूत करने की योजना पेश करने वाले हैं. यह बैठक बीते पांच वर्षों में पहली बार आयोजित की जा रही है और इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
जनवरी में दूसरे मिसाइल परीक्षण के बाद किम जोंग उन ने कहा था कि इससे उनके दुश्मनों को "कष्टदायी मानसिक पीड़ा" होगी. इसी बैठक में परमाणु हथियारों के भंडार को बढ़ाने और उनकी तैनाती को और प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है.
मिसाइल उत्पादन के विस्तार और आधुनिकीकरण का आदेश
पार्टी बैठक से पहले किम जोंग उन ने मिसाइल उत्पादन के "विस्तार" और आधुनिकीकरण के निर्देश दिए हैं. मंगलवार को एक बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण की निगरानी करते हुए उन्होंने कहा कि बैठक में देश की परमाणु युद्ध निवारक क्षमता (न्यूक्लियर वॉर डेटरेंस) को अगले स्तर तक ले जाने की योजनाओं को स्पष्ट किया जाएगा.
नॉर्थ कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के मुताबिक, किम जोंग उन ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों और अपनी छोटी बेटी के साथ "बड़े-कैलिबर" मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का परीक्षण देखा, जिसमें चार मिसाइलें दागी गईं.
जनवरी में ही दो बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण
साउथ कोरिया के नेता के शिखर सम्मेलन के लिए चीन रवाना होने से कुछ घंटे पहले दागी गई मिसाइलों के बाद, यह इस महीने नॉर्थ कोरिया का दूसरा परीक्षण था. विशेषज्ञों का मानना है कि किम जोंग उन सिर्फ मिसाइल तकनीक को धार नहीं दे रहे, बल्कि अपने परमाणु हथियारों की संख्या और प्रभावशीलता बढ़ाने पर भी फोकस कर रहे हैं.
कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस एनालिसिस के प्रमुख शोधकर्ता ली हो-रयुंग ने एएफपी को बताया कि आगामी पार्टी बैठक में किम संभवतः यह घोषणा कर सकते हैं कि "अब लक्ष्य परमाणु हथियार चलाने की कौशल को अधिकतम करना है".
क्या ट्रंप के कदम से डरे किम जोंग उन?
सवाल यह है कि क्या वाकई ट्रंप के 'मिशन वेनेजुएला' ने किम जोंग उन को डरा दिया है. इस पर नॉर्थ कोरिया के एक पूर्व दूत का मानना है कि ऐसा संभव है.
हवाना में तैनात रह चुके नॉर्थ कोरिया के पूर्व राजनयिक ली इल-क्यू ने एएफपी से कहा कि वेनेजुएला में अमेरिका का सैन्य ऑपरेशन उनके पूर्व नेता के लिए "सबसे खराब स्थिति" जैसा है. उन्होंने कहा कि मादुरो की गिरफ्तारी और सत्ता से हटाया जाना किम जोंग उन को यह एहसास करा सकता है कि उनके सामने भी ऐसा खतरा खड़ा हो सकता है.
अमेरिका का संदेश और नॉर्थ कोरिया की रणनीति
ली इल-क्यू, जिन्होंने 2019 से 2023 तक क्यूबा में नॉर्थ कोरिया के राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम किया, का कहना है कि इस अमेरिकी कार्रवाई ने प्योंगयांग को अपने बचाव को और मजबूत करने के लिए मजबूर किया है. ऐसे में नॉर्थ कोरिया की परमाणु रणनीति आने वाले समय में और आक्रामक हो सकती है.


