'काम के तनाव से लोग गे बन जाते हैं ' मंत्री के अजीब बयान पर सोशल मीडिया यूज़र्स ने लिए जमकर मज़े
दफ्तर के काम का दबाव और उससे पैदा होने वाला तनाव अक्सर चर्चा का विषय रहता है, लेकिन मलेशिया के एक मंत्री के बयान ने इस बहस को बिल्कुल अलग दिशा में मोड़ दिया है. धार्मिक मामलों के मंत्री जुल्किफली हसन ने दावा किया कि काम से जुड़ा तनाव लोगों को समलैंगिकता की ओर ले जा सकता है.

नई दिल्ली: आपने अक्सर काम के दबाव के कारण लोगों को परेशान होते देखा होगा. सोशल मीडिया पर आए दिन कोई न कोई ऑफिस के वर्कलोड को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त करता नजर आता है. कई बार यह तनाव इतना बढ़ जाता है कि लोग गलत कदम तक उठा लेते हैं.
लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि काम के दबाव की वजह से लोग ‘गे’ बन जाते हैं? जी हां, ऐसा दावा मलेशिया के एक मंत्री ने किया है. मंत्री का यह बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. कोई उनके बयान पर चुटकी ले रहा है तो कोई जमकर मजे लेता नजर आ रहा है..
संसद में सवाल, जवाब बना विवाद की वजह
यह मामला तब सामने आया जब मलेशिया की संसद में एक विपक्षी सांसद ने देश में LGBT से जुड़े मुद्दों पर आंकड़ों को लेकर सवाल पूछा. इसी के जवाब में मंत्री जुल्किफली हसन ने कहा कि काम का तनाव उन कारणों में शामिल है, जिनकी वजह से लोग "LGBT जीवनशैली" की ओर आकर्षित होते हैं.
M'sia minister suggests work-related stress as possible cause for 'LGBT lifestyle' https://t.co/Sst0Mnag2b pic.twitter.com/88j08tpa9g
— Mothership (@MothershipSG) January 27, 2026
मंत्री का दावा और स्टडी का हवाला
हसन ने आगे कहा कि कथित तौर पर काम से जुड़ा तनाव, सामाजिक दबाव, यौन अनुभव और धार्मिक अभ्यास की कमी भी समलैंगिकता के कारण हो सकते हैं. उन्होंने अपनी बात को मजबूत करने के लिए 2017 की एक स्टडी का हवाला भी दिया, जिसमें काम के तनाव और समलैंगिकता के बीच संबंध बताए जाने का दावा किया गया था.
सरकार के पास सीमित आंकड़े
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि मलेशियाई सरकार के पास LGBT समुदाय के आकार से जुड़ा कोई व्यापक डेटा उपलब्ध नहीं है और आधिकारिक आंकड़े काफी सीमित हैं.
उन्होंने यह जानकारी भी दी कि 2022 से 2025 के बीच LGBT से संबंधित गतिविधियों के मामलों में 135 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गौरतलब है कि मलेशिया में समलैंगिक संबंधों को कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं है.
सोशल मीडिया पर उड़ाया गया मजाक
मंत्री का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर मीम्स और तंज की बाढ़ आ गई. जहां कुछ लोगों ने उनका समर्थन किया, वहीं बड़ी संख्या में यूजर्स ने इसे हास्यास्पद बताया.
एक यूजर ने एक्स पर लिखा, "इस तर्क से, मुझे सच में हैरानी है कि मेरा पूरा ऑफिस अब तक गे क्यों नहीं हो गया."
एक अन्य यूजर ने कटाक्ष करते हुए पूछा, "क्या उनके संसद में कोई कभी कड़ी मेहनत नहीं करता?"
वहीं एक और टिप्पणी में लिखा गया, "काम से ऑफ लेने का एक नया तरीका."
बयान बना अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय
मंत्री के इस बयान ने न सिर्फ मलेशिया बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है. काम का तनाव और यौन रुझान को जोड़ने वाले इस बयान पर बहस अभी भी जारी है और सोशल मीडिया पर यह मुद्दा ट्रेंड करता नजर आ रहा है.


