'सबसे खौफनाक लॉकडाउन' की आहट! कोविड के बाद नई महामारी का खतरा, दुनिया कितनी तैयार है?

ईरान में जंग छिड़ते ही क्रूड ऑयल $112 प्रति बैरल तक पहुंच गया है. एयरलाइंस उड़ानें रद्द कर रही हैं, ट्रांसपोर्ट का खर्चा आसमान छू रहा है. जापान, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल राशनिंग शुरू हो चुकी है. IEA ने 10 सूत्री प्लान लॉन्च किया, सरकारें इसे 'एनर्जी सिक्योरिटी' का नाम दे रही हैं, लेकिन हकीकत में लॉकडाउन जैसा मंजर बनता दिख रहा है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों का आवागमन लगभग पूरी तरह ठप हो गया है. दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल इसी संकरे मार्ग से गुजरता है, जिसके बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. ब्रेंट क्रूड की कीमतें $112 प्रति बैरल के स्तर को छू चुकी हैं, जबकि अमेरिका में गैसोलीन की कीमत $5 प्रति गैलन तक पहुंच गई है. इससे ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने के कारण हर वस्तु महंगी हो रही है और कई देशों में फ्यूल राशनिंग लागू हो चुकी है. 

यह स्थिति कोविड काल के लॉकडाउन जैसी लग रही है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी  ने 'Sheltering from Oil Shocks' नाम से 10 सूत्रीय योजना जारी की है, जिसमें स्पीड लिमिट कम करना, हवाई यात्रा घटाना और घर से काम करने जैसे कदम शामिल हैं. एशिया और अन्य क्षेत्रों में पहले से ही राशनिंग और यात्रा प्रतिबंध शुरू हो चुके हैं, जिससे खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ रहा है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों का आवागमन ठप 

ईरान युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में टैंकर ट्रैफिक 95 प्रतिशत तक गिर चुका है. पहले जहां रोजाना 100 से ज्यादा जहाज गुजरते थे, अब मुश्किल से 4-6 जहाज ही पार कर पा रहे हैं. ईरानी हमलों और खतरों के कारण जहाज कंपनियां रास्ता बदल रही हैं, जिससे तेल की आपूर्ति बुरी तरह बाधित हुई है.

तेल कीमतों में भारी उछाल, ट्रांसपोर्ट महंगा

ब्रेंट क्रूड $112 प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जबकि WTI भी $98-100 के आसपास कारोबार कर रहा है. अमेरिका में गैसोलीन $5 प्रति गैलन हो गई है. ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से दुकानों में हर सामान महंगा हो रहा है. खाद उत्पादन के लिए जरूरी फर्टिलाइजर भी प्रभावित हो रहा है, जिससे खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है.

एयरलाइंस उड़ानें काट रही हैं, यात्रा मुश्किल

यूनाइटेड एयरलाइंस ने इस हफ्ते 5 प्रतिशत उड़ानें कम कर दी हैं. अन्य एयरलाइंस भी क्षमता घटा रही हैं. कई सरकारें बेवजह यात्रा कम करने की अपील कर रही हैं. यह ठीक वैसी ही भाषा है जो कोविड लॉकडाउन में इस्तेमाल हुई थी. केवल जरूरी काम के लिए बाहर निकलें.

दुनिया भर में फ्यूल राशनिंग लागू

  • जापान में फ्यूल राशनिंग और एनर्जी वाउचर बांटे जा रहे हैं  

  • दक्षिण कोरिया में भी राशनिंग चल रही है  

  • बांग्लादेश, फिलीपींस और श्रीलंका में पेट्रोल की लंबी कतारें, राशनिंग लागू  

  • ऑस्ट्रेलिया सरकार गैर-जरूरी यात्राएं कम करने की सलाह दे रही है  

  • भारत में 80 प्रतिशत तेल इसी मार्ग से आता है, पाकिस्तान पहले से संकट में

एनर्जी लॉकडाउन का ब्लूप्रिंटअंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने 'Sheltering from Oil Shocks' योजना जारी की है, जिसमें सरकारों को सुझाव दिए गए हैं:लाइसेंस प्लेट के आधार पर दिन तय करें –

 

  • आज आपकी गाड़ी चल सकती है, कल नहीं.  

  • हर हाईवे पर स्पीड लिमिट कम करें.  

  • हवाई यात्रा जहां संभव हो कम करें.  

  • गैस चूल्हे की जगह इलेक्ट्रिक चूल्हा इस्तेमाल करें.  

  • जहां संभव हो घर से काम करें.

यह योजना मांग कम करके तेल संकट से निपटने का प्रयास है, लेकिन कई देश पहले से ही ऐसे कदम उठा चुके हैं.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो