होर्मुज पर अमेरिका का बड़ा एक्शन, ईरानी मिसाइल ठिकानों पर 23 क्विंटल बमबारी

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने होर्मुज के पास ईरानी मिसाइल साइटों पर बड़ा हमला किया है. इस कार्रवाई के बाद वैश्विक तेल सप्लाई और समुद्री व्यापार को लेकर हलचल तेज हो गई है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा सैन्य कदम उठाया है. डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाते हुए भारी बमबारी की है, जिससे वैश्विक स्तर पर हलचल तेज हो गई है.

यह कार्रवाई ऐसे समय की गई है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री आवाजाही बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल सप्लाई पर गहरा असर पड़ा है. अमेरिका का दावा है कि इस हमले का उद्देश्य इस अहम समुद्री मार्ग को फिर से सुरक्षित और खुला बनाना है.

23 क्विंटल के 'डीप पेनिट्रेटर' बमों से हमला

अमेरिकी सेना ने 5000 पाउंड (करीब 23 क्विंटल) वजनी बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल करते हुए ईरान के मिसाइल भंडार और लॉन्च साइटों को निशाना बनाया. ये हमले समुद्र तट के पास बने मजबूत सैन्य ठिकानों पर किए गए.

यूएस सेंट्रल कमांड का दावा

अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार: "कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के समुद्र तट पर स्थित ईरान की मजबूत मिसाइल साइटों पर 5000 पाउंड के कई ‘डीप पेनिट्रेटर’ बमों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया. इन साइटों पर मौजूद ईरान की जहाज-रोधी क्रूज मिसाइलों से इस जलडमरूमध्य में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय जहाज़ों की आवाजाही को खतरा था."

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य

होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है. इसके बाधित होने से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हो जाता है.

ईरान ने क्यों रोका था रास्ता

ईरान ने हालिया संघर्ष के बीच इस मार्ग को आंशिक रूप से बंद कर दिया था और जहाजों को निशाना बनाने के लिए मिसाइल, ड्रोन और माइन्स का इस्तेमाल किया, जिससे तेल टैंकरों की आवाजाही रुक गई.

अमेरिका क्यों उतरा अकेले मैदान में

डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो और अन्य सहयोगियों से मदद मांगी थी, लेकिन कई देशों ने सैन्य सहयोग से इनकार कर दिया. इसके बाद अमेरिका ने अकेले ही कार्रवाई करने का फैसला लिया.

खार्ग द्वीप के बाद दूसरा बड़ा हमला

इससे पहले भी अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, हालांकि तेल सुविधाओं को नुकसान नहीं पहुंचाया गया था.

क्या बदल जाएगा गेम?

होर्मुज के पास ईरानी मिसाइल भंडार को निशाना बनाकर अमेरिका ने इस क्षेत्र में ईरान की समुद्री ताकत को कमजोर करने की कोशिश की है. इससे इस अहम मार्ग के दोबारा खुलने की संभावना बढ़ सकती है.

बंकर-बस्टर बमों की ताकत

इस हमले में इस्तेमाल किए गए बंकर-बस्टर बम जमीन के अंदर घुसकर मजबूत संरचनाओं को नष्ट करने में सक्षम होते हैं, जिससे छिपे हुए सैन्य ठिकानों को भी तबाह किया जा सकता है.

दुनिया की नजर होर्मुज पर

अगर यह मार्ग फिर से खुलता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति सामान्य हो सकती है और कीमतों में गिरावट आ सकती है. हालांकि, ईरान की ओर से अब तक इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो