बांग्लादेश में एक और हिंदू की गोली मारकर हत्या, 20 दिन में पांचवी मौत

बांग्लादेश के जशोर जिले में सोमवार शाम को एक हिंदू युवक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान तुषार कांति बैरागी के पुत्र राणा प्रताप (45) के रूप में हुई है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

बांग्लादेश के जशोर जिले में सोमवार शाम को एक हिंदू युवक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसके बाद इलाके में दहशत फैल गई. यह घटना मनीरामपुर उपजिला के वार्ड नंबर 17 स्थित कोपलिया बाजार में शाम लगभग 5:45 बजे हुई.

मृतक की हुई पहचान

मृतक की पहचान तुषार कांति बैरागी के पुत्र राणा प्रताप (45) के रूप में हुई है, जो केशवपुर उपजिला के अरुआ गांव के निवासी थे. प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने राणा प्रताप पर बाजार में मौजूद होने के दौरान गोली चलाई. उन्हें कई गोलियां लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. गोलीबारी के बाद आसपास के लोग डर और अफरा-तफरी में भागने लगे.

मनीरामपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में किया. प्रभारी अधिकारी राजिउल्लाह खान ने बताया कि पुलिस घटनास्थल पर मौजूद है और शव को पोस्टमार्टम के लिए तैयार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है.

यह घटना बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर बढ़ते हमलों के बीच हुई है. पिछले तीन हफ्तों में यह पांचवीं हिंसक घटना मानी जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना और बढ़ गई है. इन घटनाओं ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है.

हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ते हमलों के उदाहरण पहले भी सामने आए हैं. नव वर्ष की पूर्व संध्या पर एक हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास पर भीड़ ने हमला किया था और उन्हें चाकू मारकर आग लगा दी थी. उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें ढाका के राष्ट्रीय बर्न इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया गया था, लेकिन शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई.

विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों का क्या कहना है?

विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि हालिया हिंसक घटनाओं के पीछे कट्टरपंथियों की सक्रियता है, जो हिंदू समुदाय को निशाना बना रहे हैं. इस तरह की घटनाओं से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और उनके जीवन पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है.

स्थानीय लोग और प्रशासन दोनों इस हिंसा की बढ़ती घटनाओं को लेकर चिंतित हैं. पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और इलाके में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, समुदाय के लोग चाहते हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.

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