ईरान-इजरायल जंग के बीच अमेरिका पर भड़की किम जोंग की बहन...डोनाल्ड ट्रंप को सुनाई खरी खोटी

किम यो जोंग ने ईरान युद्ध के संवेदनशील समय पर चेतावनी दी कि अगर उत्तर कोरिया की सुरक्षा को चुनौती मिली तो परिणाम भयानक होंगे. उत्तर कोरिया की शक्तिशाली नेता ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास को क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बताया.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : उत्तर कोरिया की नेता किम यो जोंग ने मंगलवार को एक मजबूत बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास क्षेत्र की स्थिरता को नुकसान पहुंचा रहे हैं. यह बयान 9 मार्च 2026 को शुरू हुए फ्रीडम शील्ड अभ्यास के एक दिन बाद आया. किम यो जोंग ने ईरान युद्ध का जिक्र किए बिना कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में युद्ध छिड़ रहे हैं. उन्होंने अमेरिका और उसके सहयोगियों को खतरनाक अंतरराष्ट्रीय बदमाश बताया. बोर्ड ने साफ किया कि उत्तर कोरिया अपनी सुरक्षा के लिए हर कदम उठाएगा और दुश्मनों को सबक सिखाने की क्षमता बढ़ाएगा.

19 मार्च तक चलेगा अभ्यास 

बता दें कि फ्रीडम शील्ड 2026 अभ्यास 9 मार्च को शुरू होकर 19 मार्च तक चलेगा. इसमें दक्षिण कोरिया के 18 हजार सैनिक हिस्सा ले रहे हैं. अमेरिकी सैनिकों की संख्या हजारों में है. यह मुख्य रूप से कंप्यूटर सिमुलेशन पर आधारित है जिसमें जमीन, हवा, समुद्र, साइबर और स्पेस सभी क्षेत्र शामिल हैं. साथ ही 22 फील्ड ट्रेनिंग ड्रिल्स भी चल रही हैं. मुख्य कमांड कैंप हम्फ्रीज में है. अभ्यास पूरे दक्षिण कोरिया में फैला है.

किम यो जोंग का सख्त संदेश

किम यो जोंग ने कहा कि ये अभ्यास उसी समय हो रहे हैं जब वैश्विक सुरक्षा ढांचा तेजी से टूट रहा है. उन्होंने आगाह किया कि उत्तर कोरिया की संप्रभुता और सुरक्षा के पास मांसपेशियां फुलाना कल्पना से परे भयानक परिणाम ला सकता है. नेता ने अपने बढ़ते परमाणु कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि देश बाहरी खतरे के खिलाफ विध्वंसक शक्ति मजबूत करेगा. दुश्मनों को बार-बार हमारी युद्ध रोकने की ताकत और उसके घातक नतीजों का एहसास दिलाया जाएगा.

दक्षिण कोरिया का रुख

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने स्वीकार किया कि अमेरिका कुछ एंटी मिसाइल डिफेंस हथियार दूसरे इलाके में ले जा सकता है. उन्होंने कहा कि सरकार ने इसका विरोध किया लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि पैट्रियट सिस्टम ईरान ऑपरेशन के लिए शिफ्ट हो रहे हैं. फिर भी राष्ट्रपति ने जोर दिया कि उत्तर कोरिया के खिलाफ डिफेंस कमजोर नहीं होगा.

उत्तर कोरिया की रणनीति

उत्तर कोरिया लंबे समय से इन अभ्यासों को हमले की रिहर्सल मानता रहा है. पिछले हफ्ते उसके विदेश मंत्रालय ने ईरान पर हमलों को गैर कानूनी बताया था. किम जोंग उन ने नई शीत युद्ध की नीति अपनाई है. उन्होंने रूस और चीन से रिश्ते मजबूत किए हैं. प्योंगयांग और तेहरान दोनों ने रूस के यूक्रेन अभियान का समर्थन किया. अब किम यो जोंग का बयान ईरान संकट के बीच प्योंगयांग की नई चेतावनी है.

दुनिया इस समय दो मोर्चों पर तनाव देख रही

विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर कोरिया ईरान की तरह अपना भविष्य नहीं देखना चाहता. इसलिए परमाणु कार्यक्रम को और तेज किया जा रहा है. फ्रीडम शील्ड के जवाब में प्योंगयांग हथियार परीक्षण बढ़ा सकता है. दुनिया इस समय दो मोर्चों पर तनाव देख रही है. एक तरफ मध्य पूर्व का युद्ध और दूसरी तरफ कोरियाई प्रायद्वीप पर बढ़ती चिंता. किम यो जोंग का बयान साफ संकेत देता है कि उत्तर कोरिया किसी चुनौती को बर्दाश्त नहीं करेगा.

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