आखिरकार खुल गई PAK आर्मी चीफ की आंखें, सरकार के काम पर उठाए सवाल

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनिर ने देश में मौजूद गंभीर चुनौतियों और खतरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. जनरल मुनिर ने मौजूदा शासन की खामियों पर चिंता व्यक्त की और सुरक्षा बलों के निरंतर बलिदान को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि हम शासन की असफलताओं के कारण कितने लोगों की जान गंवाते रहेंगे?

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनिर ने हाल ही में देश में मौजूद गंभीर चुनौतियों और खतरों पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने शासन, चरमपंथ और राष्ट्रीय एकता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की. इन टिप्पणियों के जरिए शहबाज शरीफ सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा. पाकिस्तान जिस वक्त आतंकवादी गतिविधियों की बढ़ती संख्या से जूझ रहा है, जनरल मुनिर की ये टिप्पणियां बेहद अहम मानी जा रही हैं. 

जनरल मुनिर ने मौजूदा शासन की खामियों पर चिंता व्यक्त की और सुरक्षा बलों के निरंतर बलिदान को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि हम शासन की असफलताओं के कारण कितने लोगों की जान गंवाते रहेंगे? कब तक हम अपनी सेनाओं और शहीदों के खून से शासन की कमी को भरते रहेंगे?

राष्ट्रीय एकता और स्थिरता का महत्व

आर्मी चीफ ने पाकिस्तान को एक हार्ड स्टेट बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जो न सिर्फ सैन्य प्रतिष्ठान की निराशा को दर्शाता है, बल्कि देश की सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करने वाले सिस्टम संबंधी मुद्दों की ओर भी इशारा करता है. जनरल मुनिर ने धर्म गुरुओं से अपील की कि वे इस्लाम की सच्ची शिक्षाओं को फैलाएं और चरमपंथी तत्वों द्वारा फैलाए गए झूठ का पर्दाफाश करें. उन्होंने राष्ट्रीय एकता और स्थिरता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि राजनीतिक और निजी हितों से ऊपर उठकर ही देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है. 

जनरल मुनिर ने यह भी कहा कि यह लड़ाई सिर्फ आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व के लिए भी है. उन्होंने पाकिस्तान की रक्षा के लिए सभी हिस्सेदारों से एकजुट होने की अपील की, ताकि देश मौजूदा खतरों का सामना कर सके.

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