अमेरिका द्वारा TRF को आतंकी संगठन घोषित करने पर पाकिस्तान ने दी सफाई, कहा- "हमें कोई आपत्ति नहीं"

अमेरिका द्वारा TRF को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद पाकिस्तान ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि इस फैसले पर इस्लामाबाद को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन TRF का लश्कर-ए-तैयबा से कोई संबंध नहीं है.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Pakistan: अमेरिका द्वारा द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को आधिकारिक रूप से विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित किए जाने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि इस पर पाकिस्तान को कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर अमेरिका के पास TRF की संलिप्तता को लेकर कोई प्रमाण है, तो पाकिस्तान उसका स्वागत करता है.

डार ने वाशिंगटन डीसी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा, "यह अमेरिका का संप्रभु निर्णय है कि वह TRF को आतंकवादी संगठन घोषित करे. हमें इससे कोई समस्या नहीं है. अगर उनके पास कोई साक्ष्य है कि वे इसमें शामिल हैं, तो हम उसका स्वागत करते हैं." शुक्रवार को डार ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी मुलाकात की.

लश्कर-ए-तैयबा से TRF का कोई संबंध नहीं: पाकिस्तान

इशाक डार ने TRF और लश्कर-ए-तैयबा के बीच किसी भी तरह के संबंधों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने दावा किया कि लश्कर-ए-तैयबा को पाकिस्तान में वर्षों पहले खत्म कर दिया गया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री डार ने कहा, "TRF का लश्कर-ए-तैयबा से कोई संबंध जोड़ना गलत है. उस संगठन को पाकिस्तान में पहले ही खत्म किया जा चुका है. संबंधित लोगों को गिरफ्तार किया गया, मुकदमा चला और उन्हें सजा भी दी गई. पूरा संगठन ध्वस्त कर दिया गया था."

UNSC में TRF के उल्लेख का किया था विरोध

पाकिस्तानी संसद में अप्रैल महीने में डार ने यह भी स्वीकार किया था कि इस्लामाबाद ने पाहलगाम हमले की निंदा में लाए गए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव में TRF के उल्लेख का विरोध किया था. डार ने कहा था, "हमने UNSC के बयान में TRF के उल्लेख का विरोध किया. मुझे दुनियाभर की राजधानियों से फोन आए, लेकिन पाकिस्तान ने TRF के नाम को हटवाया और आखिरकार पाकिस्तान की ही बात मानी गई."

भारत पहले ही कर चुका है TRF को आतंकवादी संगठन घोषित

भारत ने जनवरी 2023 में TRF को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था. साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल के अनुसार, TRF पहली बार 2019 में सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आया था और तब से अब तक जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी घटनाओं की जिम्मेदारी ले चुका है. इनमें श्रीनगर में ग्रेनेड हमला (जिसमें सात नागरिक घायल हुए थे) और 2021 में लक्षित हत्याएं शामिल हैं.

भारत का अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दबाव जारी

भारत ने TRF को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित करवाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति को कई बार प्रमाण और दस्तावेज सौंपे हैं. भारत ने मई और नवंबर 2024 में इस मुद्दे को उठाया था, साथ ही 2023 में भी इसका लगातार उल्लेख किया था.

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