भारत के खिलाफ पाकिस्तान की नई साजिश! धार्मिक जुलूस में महिला जिहादियों की मौजूदगी से खुफिया एजेंसियां सतर्क

पाकिस्तानी आतंकी संगठन LeT और JeM ने बहावलपुर में धार्मिक जलसे की आड़ में गुप्त बैठक की, जिसमें महिला जिहादियों की उपस्थिति रही. भारत के खिलाफ नई साजिश की आशंका के चलते भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर हाई अलर्ट पर हैं.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) एक बार फिर भारत के खिलाफ साजिश रचने की तैयारी में जुटे दिखाई दे रहे हैं. हाल ही में बहावलपुर में आयोजित एक धार्मिक जलसे की आड़ में दोनों संगठनों के शीर्ष आतंकियों की गुप्त बैठक होने की जानकारी सामने आई है. इस बैठक में महिला जिहादियों की उपस्थिति का दावा भी किया जा रहा है, जिसके बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ चुकी हैं और सीमाई इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.

बहावलपुर में धार्मिक कार्यक्रम की आड़ में आतंकी जुटान

सूत्रों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी शनिवार को पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित एक बड़े धार्मिक कार्यक्रम में मौजूद था. इस आयोजन का नाम ‘सीरत-ए-नबी (PBUH) और सहीह बुखारी’ बताया जा रहा है, जो जामिया उम्म अब्दुल अजीज, तौहीद चौक, अहमदपुर ईस्ट में आयोजित हुआ. हालांकि कार्यक्रम धार्मिक था, लेकिन इसमें कई ऐसे चेहरे दिखे जो आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने के लिए कुख्यात हैं.

माना जाता है कि इसी दौरान कसूरी ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर से मुलाकात भी की. बहावलपुर मसूद अजहर का गढ़ माना जाता है और वह अक्सर यहीं पर अपने संगठन की रणनीतियों को दिशा देता है. सूत्र बताते हैं कि कसूरी की मसूद से पहले भी कई बार मुलाकात हो चुकी है और हर बार इसके बाद किसी न किसी आतंकी गतिविधि का इनपुट सामने आया है. यहां तक कि पहलगाम हमले से पहले भी वह अजहर से मिलकर प्लान साझा कर चुका था.

भारत के खिलाफ नई साजिश की आशंका

सुरक्षा एजेंसियों को यह आशंका है कि बहावलपुर में हुई यह मुलाकात भारत के खिलाफ किसी नई और बड़ी आतंकी योजना का हिस्सा हो सकती है. जलसे में महिला जिहादियों की उपस्थिति को लेकर भी खुफिया एजेंसियां चिंतित हैं. माना जा रहा है कि उन्हें भविष्य की आतंकी गतिविधियों में किसी विशिष्ट भूमिका के लिए शामिल किया जा रहा है.

धार्मिक कार्यक्रमों की आड़ में आतंकी संगठन अपने नेटवर्क को सक्रिय और मजबूत करने का तरीका खोजते रहे हैं, और इस बार भी कुछ ऐसा ही संकेत मिल रहा है. ली़डरशिप स्तर पर हुई इस गुप्त बैठक ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में भारत की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सावधानी और बढ़ाने की जरूरत है.

सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़ाई निगरानी

कसूरी और मसूद अजहर की मुलाकात की खबर सामने आते ही भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. एजेंसियों का मानना है कि जब भी ये दोनों आतंकी नेता मिलते हैं, भारत को निशाना बनाने की कोशिशें तेज हो जाती हैं. इसलिए इस बार किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है.

सीमा पर तैनात बलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, पाकिस्तान की ओर से होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने का आदेश भी दिया गया है. सुरक्षा एजेंसियों का फोकस विशेष रूप से उन इलाकों पर है, जहां से पहले भी घुसपैठ या आतंकी मूवमेंट के इनपुट मिलते रहे हैं.

एजेंसियों का लक्ष्य

भारतीय खुफिया तंत्र का मानना है कि आतंकी गतिविधियों का यह पूरा सेटअप पहले से तय प्लानिंग का हिस्सा है. ऐसे में किसी भी संभावित साजिश को समय रहते नाकाम करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. लगातार निगरानी, खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और सीमाई रणनीति को मजबूत करने पर तेजी से काम किया जा रहा है.

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि भारत के खिलाफ यदि कोई साजिश तैयार हो रही है, तो उसे शुरुआती स्तर पर ही रोकना बेहद जरूरी है, जिससे दुश्मन देश की योजना सफल न हो सके.

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