पाकिस्तान को पहली बार अमेरिका से मिलेगा कच्चा तेल, Cnergyico और Vitol में हुआ ऐतिहासिक करार

पाकिस्तान ऊर्जा क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने जा रहा है. देश की सबसे बड़ी रिफाइनिंग कंपनी Cnergyico ने अमेरिकी ऊर्जा ट्रेडर Vitol के साथ मिलकर ऐसा समझौता किया है, जिसके तहत पहली बार अमेरिका से कच्चे तेल की खेप पाकिस्तान पहुंचाई जाएगी.

Deeksha Parmar
Edited By: Deeksha Parmar

पाकिस्तान जल्द ही इतिहास रचने जा रहा है, क्योंकि देश को पहली बार अमेरिका से कच्चे तेल की आपूर्ति होने जा रही है। पाकिस्तान की सबसे बड़ी रिफाइनिंग कंपनी Cnergyico ने अमेरिकी ऊर्जा कंपनी Vitol के साथ एक अहम समझौता किया है, जिसके तहत अमेरिका के ह्यूस्टन से वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) लाइट क्रूड ऑयल की पहली खेप पाकिस्तान पहुंचेगी.

Cnergyico के वाइस चेयरमैन उसामा कुरैशी ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कंपनी Vitol से एक मिलियन बैरल WTI क्रूड तेल आयात करेगी, जिसे इस महीने के अंत में ह्यूस्टन से लोड किया जाएगा और यह अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में कराची पहुंचेगा.

एक परीक्षण खेप के तौर पर होगी पहली डिलीवरी

Cnergyico के वाइस चेयरमैन उसामा कुरैशी के अनुसार, "यह Vitol के साथ हमारी अंब्रेला टर्म एग्रीमेंट के तहत एक टेस्ट स्पॉट कार्गो है। यदि यह वाणिज्यिक दृष्टिकोण से सफल रहा, तो हम हर महीने एक कार्गो मंगवा सकते हैं।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह शिपमेंट केवल घरेलू उपयोग के लिए है, न कि किसी और देश को पुनः बेचने के लिए.

ट्रंप की चेतावनी के बाद तेज हुई बातचीत

इस समझौते से पहले कई महीनों तक बातचीत चली, जिसकी शुरुआत अप्रैल में हुई थी। उसामा कुरैशी के अनुसार, जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान से आयात पर 29% टैरिफ लगाने की धमकी दी, तब पाकिस्तान के वित्त और पेट्रोलियम मंत्रालयों ने स्थानीय रिफाइनरियों को अमेरिकी तेल आयात पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया.

अमेरिका के साथ रिश्तों में गर्माहट

इस डील को इस्लामाबाद ने एक बड़ी उपलब्धि बताया है, जिससे टैरिफ में राहत मिलने और अमेरिका से निवेश बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, टैरिफ में कितनी कटौती होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। चीन के करीबी सहयोगी पाकिस्तान ने हाल ही में अमेरिका के साथ रिश्तों में नरमी दिखाई है। खासकर तब, जब ट्रंप ने भारत-पाक तनाव को कम करने में मध्यस्थता की थी। पाकिस्तान ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामित किया था.

मध्यपूर्व पर निर्भरता कम करने की तैयारी

पाकिस्तान का सबसे बड़ा आयात कच्चा तेल है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश ने लगभग 11.3 अरब डॉलर का तेल आयात किया, जो कुल आयात बिल का करीब 20% है। इस नई डील से पाकिस्तान का उद्देश्य खाड़ी देशों पर अपनी निर्भरता कम करना है। कुरैशी के अनुसार, "इस अमेरिकी तेल की ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन खाड़ी ग्रेड्स के समान है और इसके लिए किसी भी तरह की ब्लेंडिंग या रिफाइनरी में बदलाव की जरूरत नहीं है।"

Cnergyico को है लॉजिस्टिक बढ़त

Cnergyico वर्तमान में प्रतिदिन 1.56 लाख बैरल कच्चे तेल का प्रोसेस करती है और कराची के पास पाकिस्तान की इकलौती सिंगल-पॉइंट मूरिंग टर्मिनल का संचालन करती है। इससे कंपनी को बड़े तेल टैंकरों को संभालने में फायदा मिलता है, जो कि देश की अन्य रिफाइनरियों के पास नहीं है.

भविष्य के लिए बड़ी योजनाएं

कंपनी भविष्य के लिए भी बड़ी योजनाएं बना रही है। कुरैशी ने बताया कि Cnergyico एक दूसरा ऑफशोर टर्मिनल लगाने की योजना पर काम कर रही है, ताकि बड़े या अधिक बार आने वाले शिपमेंट्स को संभाला जा सके। इसके अलावा, अगले पांच से छह वर्षों में रिफाइनरी की क्षमता बढ़ाने के लिए उसे अपग्रेड करने की योजना भी है.

घरेलू मांग बढ़ने की उम्मीद

फिलहाल Cnergyico अपनी कुल क्षमता का केवल 30-35% ही उपयोग कर रही है, क्योंकि घरेलू मांग कमजोर है। लेकिन कंपनी को भविष्य में सुधार की उम्मीद है। कुरैशी कहते हैं, "जैसे-जैसे घरेलू मांग बढ़ेगी और आयातित ईंधन की जगह स्थानीय उत्पादन को प्राथमिकता मिलेगी, हमारी रन रेट में भी वृद्धि होगी।"

पाकिस्तान-अमेरिका के बीच नया तेल समझौता

एक अन्य अहम घटनाक्रम में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच एक नया व्यापार समझौता हुआ है, जिसके तहत दोनों देश मिलकर पाकिस्तान के विशाल तेल भंडार का विकास करेंगे। ट्रंप का मानना है कि इस कदम से भविष्य में पाकिस्तान भारत को भी तेल निर्यात कर सकेगा.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag