अमेरिका-दक्षिण कोरिया के रिश्तों में दरार? ट्रंप ने 15% से बढ़ाकर 25% किया टैरिफ, वैश्विक बाजार में हलचल

दक्षिण कोरिया द्वारा व्यापार समझौते को मंजूरी न मिलने से नाराज राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कारों समेत कई उत्पादों पर टैरिफ 15 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया है, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ गया है.

Shraddha Mishra

वाशिंगटन: अमेरिकी राजनीति और वैश्विक व्यापार के मोर्चे पर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया से आने वाले कई प्रमुख उत्पादों पर भारी टैरिफ बढ़ाने की घोषणा कर दी है. इस फैसले से दोनों देशों के बीच पहले से तय व्यापार समझौते पर सवाल खड़े हो गए हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है.

राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि दक्षिण कोरिया से आयात होने वाली कारों, लकड़ी, दवाओं और अन्य वस्तुओं पर टैरिफ को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 25 प्रतिशत किया जा रहा है. उनका आरोप है कि दक्षिण कोरिया की संसद ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को अब तक मंजूरी नहीं दी है, जबकि यह समझौता दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच तय हो चुका था.

व्यापार समझौते को लेकर नाराजगी

ट्रम्प के अनुसार, 30 जुलाई 2025 को उन्होंने और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने एक अहम व्यापार समझौते पर सहमति जताई थी. बाद में 29 अक्टूबर 2025 को दक्षिण कोरिया यात्रा के दौरान भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था. इसके बावजूद, कोरियाई विधायिका द्वारा समझौते को पास नहीं किए जाने से ट्रम्प खासे नाराज हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि जब अमेरिका ने तय समझौतों के तहत तुरंत टैरिफ घटाए, तो सहयोगी देशों से भी यही उम्मीद की जाती है.

ट्रम्प ने साफ कहा कि व्यापार समझौते अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी हैं. उनका मानना है कि यदि साझेदार देश तय नियमों का पालन नहीं करते, तो अमेरिका को कड़ा रुख अपनाने का पूरा अधिकार है. इसी वजह से टैरिफ बढ़ाने का फैसला लिया गया है.

दक्षिण कोरिया की स्थिति और बातचीत

दक्षिण कोरिया अमेरिका का एक बड़ा व्यापारिक साझेदार है और वह लगातार अमेरिका के शीर्ष 10 आयात स्रोतों में शामिल रहता है. हर साल अमेरिका करीब 150 अरब डॉलर का सामान दक्षिण कोरिया से मंगाता है. हाल के महीनों में सियोल अमेरिका के साथ संबंध सुधारने की कोशिश कर रहा है. इसी कड़ी में अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी कूपैंग से जुड़े डेटा लीक मामले पर भी दोनों देशों के अधिकारी बातचीत कर चुके हैं.

निवेश और समझौते का लंबा सफर

जुलाई में ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के साथ व्यापार समझौते की घोषणा की थी, लेकिन अमेरिका में निवेश को लेकर मतभेद के चलते यह प्रक्रिया रुक गई. बाद में अक्टूबर में एशिया दौरे के दौरान इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें अमेरिका में 350 अरब डॉलर के निवेश की बात शामिल थी. नवंबर में दोनों सरकारों ने इस पर एक तथ्य पत्र भी जारी किया था.

यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प ने टैरिफ बढ़ाने की बात कही हो. इससे पहले कनाडा, यूरोपीय देशों और ग्रीनलैंड से जुड़े मामलों में भी ऐसी धमकियां दी गई थीं, जिनमें से कई लागू नहीं हो सकीं. बावजूद इसके, दक्षिण कोरिया पर घोषित नया टैरिफ फैसला व्यापारिक रिश्तों में एक नया मोड़ ला सकता है.

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