तालिबान ने पाकिस्तान के शहरों पर बरसाए ड्रोन, पाक की एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान ने दिखाई ताकत

पाकिस्तानी हमले का जवाब अब तालिबान ने दिया है. हाल ही में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई इलाकों पर हमला किया था, जिसके जवाब में तालिबान ने ड्रोन हमला किया है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा विवाद अब खुले सैन्य टकराव में बदल गया है. दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद अब ड्रोन और हवाई हमलों का दौर शुरू हो गया है. पाकिस्तान की तरफ से अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों के जवाब में तालिबान ने तेजी से पलटवार किया है.

पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से शुरू हुआ विवाद

पाकिस्तान ने हाल ही में अफगानिस्तान के कई इलाकों पर हवाई हमले किए थे. इन हमलों में अफगानिस्तान के कुछ प्रांत प्रभावित हुए, जहां कुछ लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए. पाकिस्तान का कहना है कि ये हमले सीमा पार से आने वाले आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए थे, लेकिन अफगानिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है.

तालिबान का तेज जवाबी हमला

पाकिस्तान के हमलों के कुछ ही घंटों बाद तालिबान और अफगान डिफेंस फोर्सेज ने बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. अफगान पक्ष ने ड्रोन का इस्तेमाल करके पाकिस्तान के कई शहरों और सैन्य ठिकानों पर हमले किए. तालिबान के प्रवक्ताओं ने दावा किया है कि इन ड्रोनों ने पाकिस्तानी सेना के महत्वपूर्ण केंद्रों को निशाना बनाया.

खास तौर पर कोहाट इलाके में सैन्य कमांड, ब्रिगेड और कैंप पर हमलों की बात कही गई है. पाकिस्तान के विभिन्न शहरों से धमाकों और हाई अलर्ट की खबरें आई हैं. अफगान अधिकारियों का कहना है कि ये हमले सटीक थे और पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है. हालांकि पाकिस्तान ने कुछ ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है और कहा है कि ज्यादा नुकसान नहीं हुआ.

सीमा पर बढ़ती सैन्य हलचल

ड्रोन हमलों के साथ ही सीमावर्ती इलाकों में गोलाबारी और सैनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. तालिबान ने साफ कहा है कि उनकी जमीन पर कोई भी हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर कार्रवाई का जवाब पाकिस्तान की जमीन पर दिया जाएगा. 

दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. पाकिस्तान टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को अफगानिस्तान से समर्थन मिलने का आरोप लगाता है, जबकि अफगानिस्तान इसे बहाना बताकर अपनी रक्षा का हक ठहराता है.

क्षेत्रीय युद्ध का खतरा

यह टकराव दक्षिण एशिया में नई अस्थिरता पैदा कर सकता है. अगर जल्दी संघर्ष रोकने के प्रयास नहीं हुए तो यह छोटी झड़प बड़ी जंग में बदल सकती है. दोनों देशों को बातचीत की मेज पर आने की जरूरत है, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं. फिलहाल दोनों तरफ हाई अलर्ट जारी है और स्थिति पर सबकी नजर टिकी हुई है.

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