तेहरान ने खोल दिए पत्ते, अमेरिका को साफ संदेश, अब ट्रंप का अगला कदम क्या होगा?
ईरान ने अमेरिकी बयानों को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताते हुए कड़ी निंदा की है और कहा है कि यह दबाव, प्रतिबंध और दुष्प्रचार के जरिए देश में अशांति फैलाने की कोशिश है. डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी पर ईरान के सर्वोच्च नेता ने साफ किया कि देश किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा.

तेहरान और वाशिंगटन के बीच रिश्तों में एक बार फिर तीखी तल्खी देखने को मिल रही है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी अधिकारियों के हालिया बयानों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन्हें देश के आंतरिक मामलों में दखल देने वाला और भ्रामक करार दिया है.
अमेरिका को लेकर ईरान ने क्या कहा?
ईरान का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां नई नहीं हैं, बल्कि अमेरिका की उस पुरानी नीति का हिस्सा हैं, जिसके जरिए वह ईरान में अस्थिरता, हिंसा और अव्यवस्था फैलाना चाहता है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन बयानों का उद्देश्य ईरानी जनता की भलाई नहीं, बल्कि अधिकतम दबाव, धमकी और हस्तक्षेप की नीति को आगे बढ़ाना है.
अपने बयान में मंत्रालय ने कहा कि ईरान का संविधान शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार को मान्यता देता है और सरकार कानून के दायरे में रहते हुए जनता की वैध मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही यह भी कहा गया कि सरकार आर्थिक कठिनाइयों को कम करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है. मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि मौजूदा आर्थिक समस्याओं की बड़ी वजह अमेरिका द्वारा लगाए गए अवैध और अन्यायपूर्ण प्रतिबंध हैं, जिन्हें ईरान ने पूर्ण आर्थिक और वित्तीय युद्ध करार दिया है.
ईरान के विदेश मंत्रालय का आरोप
ईरान के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका की नीतियां सिर्फ आर्थिक दबाव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसमें मनोवैज्ञानिक युद्ध, गलत सूचनाओं का प्रसार, मीडिया के जरिए दुष्प्रचार, सैन्य कार्रवाई की धमकियां और हिंसा व आतंकवाद को उकसाने जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं. बयान में कहा गया कि ये सभी कदम संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों से जुड़े बुनियादी सिद्धांतों का खुला उल्लंघन हैं.
मंत्रालय ने अमेरिका और उसके सहयोगियों के ईरान-विरोधी इतिहास का भी जिक्र किया. इसमें 1953 में ईरान की निर्वाचित सरकार के खिलाफ तख्तापलट, इराक युद्ध के दौरान बाथवादी शासन को समर्थन, हालिया वर्षों में कथित सैन्य कार्रवाइयों और लंबे समय से चले आ रहे एकतरफा प्रतिबंधों को शामिल किया गया. ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इन प्रतिबंधों की अमानवीय प्रकृति पर ध्यान दे, जो सीधे तौर पर ईरानी जनता के मानवाधिकारों, आजीविका और रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं.
इस बीच, सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप संबंधी बयानों से तनाव और बढ़ गया है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर संकेत दिया कि यदि ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा होती है, तो अमेरिका कार्रवाई कर सकता है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने साफ कहा कि ईरान दबाव के आगे नहीं झुकेगा. उन्होंने कहा कि ईश्वर और जनता के समर्थन से ईरान अपने दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर कर देगा.


