सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी की राह आसान, नासा का नया दल ISS पर पहुंचा
Sunita Williams: नासा के प्रतिस्थापन दल ने रविवार सुबह ISS पर सफलतापूर्वक डॉक किया. इससे लंबे समय से कक्षा में फंसे अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी की प्रक्रिया तेज हो गई. स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर सवार क्रू-10 मिशन के आगमन से आईएसएस पर चालक दल परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया है, जिससे उनकी स्वदेश वापसी जल्द ही संभव हो सकेगी.

Sunita Williams: नासा के प्रतिस्थापन दल ने रविवार सुबह अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर सफलतापूर्वक डॉक किया. जिसके बाद अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की लंबे समय से प्रतीक्षित वापसी की प्रक्रिया को एक बड़ा सहारा मिला. स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर सवार होकर लॉन्च किया गया क्रू-10 मिशन, क्रू-9 के अंतरिक्ष यात्रियों के प्रस्थान को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से एक तेज योजना के तहत आईएसएस पहुंचा.
करीब 9:40 बजे हुई इस सफल डॉकिंग के बाद, चार सदस्यीय क्रू-10 दल आईएसएस पर मौजूदा अभियान 72 के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ शामिल हो गया. इस मिशन की सफलता विलियम्स और विल्मोर की वापसी की प्रक्रिया को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी.
#WATCH | Stranded for 9 months at International Space Station (ISS), astronauts Butch Wilmore and Sunita Williams to return to earth
A SpaceX rocket carrying a new crew has docked at the International Space Station (ISS) as part of a plan to bring astronauts home. The astronauts… pic.twitter.com/rb38BeCEQ6— ANI (@ANI) March 16, 2025
आईएसएस पर सफल डॉकिंग
क्रू-10 टीम में नासा के अंतरिक्ष यात्री ऐनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापान के ताकुया ओनिशी और रूस के किरिल पेस्कोव शामिल हैं. अंतरिक्ष यान की स्वायत्त डॉकिंग प्रक्रिया को आईएसएस चालक दल और मिशन कंट्रोल द्वारा बारीकी से मॉनिटर किया गया. सफल डॉकिंग के बाद, नए अंतरिक्ष यात्रियों का मौजूदा अभियान 72 के सदस्यों ने गर्मजोशी से स्वागत किया.
अगले 6 महीनों तक चलेगा मिशन
इस नए दल का मिशन अगले छह महीनों तक चलेगा, जिसमें वे अंतरिक्ष स्टेशन पर महत्वपूर्ण संचालन और अनुसंधान गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालेंगे. इस दौरान, क्रू-9 दल के कुछ सदस्यों के पृथ्वी पर लौटने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी.
अंतरिक्ष में फंसे विलियम्स और विल्मोर
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर का यह मिशन योजना के अनुसार नहीं रहा. वे 5 जून 2024 को बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल से आईएसएस पहुंचे थे, जिसे एक छोटी परीक्षण उड़ान के रूप में निर्धारित किया गया था. हालांकि, तकनीकी समस्याओं के कारण यह मिशन लंबा खिंच गया.
हीलियम रिसाव और थ्रस्टर खराबी जैसी तकनीकी खामियों के कारण स्टारलाइनर वापसी के लिए अनुपयुक्त हो गया. इस समस्या के समाधान के लिए नासा और बोइंग को गहन जांच करनी पड़ी, जिसके बाद स्टारलाइनर को खाली वापस भेजने का निर्णय लिया गया. इस देरी के चलते विलियम्स और विल्मोर को अनिश्चितकाल तक आईएसएस पर रुकना पड़ा.
वापसी की राह हुई आसान
नासा ने उनकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए स्पेसएक्स के एक अन्य क्रू ड्रैगन अंतरिक्ष यान का उपयोग करने की योजना बनाई. हालांकि, इस नए यान में आवश्यक बैटरी मरम्मत सहित कुछ अन्य तकनीकी समस्याएं थीं, जिसके चलते मिशन में और देरी हुई. अंततः, नासा ने पहले से इस्तेमाल किए गए ड्रैगन कैप्सूल के माध्यम से क्रू-10 मिशन लॉन्च करने का निर्णय लिया, ताकि विलियम्स और विल्मोर की वापसी को गति दी जा सके.


