इन देशों ने ठुकराया ट्रंप का बोर्ड ऑफ पीस, भारत कर रहा विचार
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में कई देशों ने शामिल होने की सहमति दी है, जबकि यूरोप के कुछ देश और भारत अभी तक निर्णय नहीं ले पाए हैं. भारत इस पहल के संवेदनशील पहलुओं पर विचार कर रहा है, और जल्द ही अपने निर्णय की घोषणा कर सकता है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में गठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने को लेकर विश्व स्तर पर विभिन्न देशों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. कई देशों ने इस पहल में भाग लेने की सहमति जताई है, जबकि यूरोपीय देशों समेत कुछ राष्ट्रों ने इसे अस्वीकार कर दिया है.
कुछ देशों ने नहीं दी आधिकारिक प्रतिक्रिया
कुछ देशों ने अभी तक इस न्योते पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिनमें भारत भी शामिल है. सूत्रों के अनुसार, भारत इस पहल के विभिन्न पहलुओं और संवेदनशील मुद्दों पर विचार कर रहा है. हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
भारत की स्थिति पर नजर डालें तो, देश ने अभी बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया है. मामले से परिचित सूत्रों का कहना है कि भारत इस पहल की संरचना और इसमें शामिल विषयों का अध्ययन कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत इस बोर्ड का गठन किया है और इसमें शामिल होने के लिए कई नेताओं को आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी शामिल है.
जहां कुछ देशों ने शामिल होने से इंकार किया है, वहीं कई ने अभी तक निर्णय नहीं लिया है. फिलहाल फ्रांस, नॉर्वे और स्वीडन ने इस बोर्ड में शामिल होने से मना कर दिया है. इसके अलावा, ब्रिटेन, चीन, क्रोएशिया, इटली, यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा, पराग्वे, रूस, सिंगापुर, स्लोवेनिया, तुर्की और यूक्रेन ने भी अपने रुख को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है.
कई देशों ने न्योते को किया स्वीकार
वहीं, कई देशों ने ट्रंप के न्योते को स्वीकार कर लिया है. इनमें अर्जेंटीना, आर्मेनिया, अजरबैजान, बहरीन, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, कजाखस्तान, कोसोवो, मोरक्को, संयुक्त अरब अमीरात, वियतनाम और पाकिस्तान शामिल हैं. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, लगभग 50 देशों को इस न्योते के तहत आमंत्रित किया गया है, जिनमें से करीब 30 देश बोर्ड में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, उन्होंने अभी इसमें शामिल देशों की पूरी सूची या विस्तृत विवरण साझा नहीं किया.
इस प्रकार, ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को लेकर वैश्विक प्रतिक्रिया मिश्रित रही है. कुछ देशों ने सक्रिय भागीदारी की पुष्टि की है, जबकि अन्य अपनी रणनीति और विचार विमर्श के आधार पर अभी निर्णय लेने से बच रहे हैं. भारत की स्थिति भी इसी तरह अस्थिर दिखाई दे रही है, क्योंकि वह इस संवेदनशील पहल के सभी पहलुओं पर गहन विचार कर रहा है.


