अमेरिका-ईरान तनाव: हमले की तैयारी तेज, ट्रम्प ने अभी नहीं लिया अंतिम फैसला

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब संभावित युद्ध की दहलीज पर पहुंचता दिख रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है, जबकि इज़राइल भी इस स्थिति के लिए सक्रिय तैयारी में जुटा है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब ताज़ा जानकारी सामने आई है कि अमेरिकी सेना इस सप्ताहांत तक संभावित हमले के लिए तैयार हो सकती है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक सैन्य कार्रवाई को अंतिम मंजूरी नहीं दी है और वे अपने सहयोगियों व सलाहकारों से लगातार परामर्श कर रहे हैं.

मीडिया सूत्रों के अनुसार मध्य पूर्व में वायु और नौसैनिक संसाधनों के बड़े पैमाने पर विस्तार के बाद अमेरिका सैन्य विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है. वहीं द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट किया है कि 2003 में इराक पर आक्रमण के बाद से यह क्षेत्र में अमेरिकी वायु शक्ति की सबसे बड़ी तैनाती हो सकती है.

व्हाइट हाउस में हाई-लेवल बैठक

सूत्रों के मुताबिक, व्हाइट हाउस को बताया गया है कि यदि आदेश मिलता है तो अमेरिकी सेना सप्ताहांत तक हमले के लिए तैयार रह सकती है. लेकिन ट्रम्प अभी भी सैन्य कार्रवाई के पक्ष और विपक्ष के तर्कों पर विचार कर रहे हैं.

बुधवार को वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में बैठक कर स्थिति की समीक्षा की. ट्रम्प को विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर ने जिनेवा में ईरान के साथ हुई अप्रत्यक्ष वार्ता की जानकारी भी दी.

तीन घंटे से अधिक चली इस वार्ता में कोई ठोस सफलता नहीं मिली. ईरान की ओर से "मार्गदर्शक सिद्धांतों" पर सहमति का संकेत दिया गया, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार कई अहम मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि कूटनीति अभी भी ट्रम्प की प्राथमिकता है, लेकिन सैन्य विकल्प खुला है. उन्होंने कहा, "हड़ताल के पक्ष में तर्क देने के कई कारण हो सकते हैं," और यह भी जोड़ा कि राष्ट्रपति अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम की सलाह पर भरोसा कर रहे हैं.

सैन्य विकल्पों की लंबी सूची

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प को सैन्य विकल्पों की विस्तृत श्रृंखला पेश की गई है. इनमें ईरान के परमाणु संयंत्रों पर सीमित हमले से लेकर सरकार को अस्थिर करने के उद्देश्य से शीर्ष नेताओं को निशाना बनाने वाला व्यापक अभियान शामिल है.

बताया गया है कि किसी भी विकल्प की स्थिति में अभियान कई सप्ताह तक चल सकता है. यह भी संकेत है कि संभावित कार्रवाई इज़राइल के साथ संयुक्त रूप से हो सकती है और पिछले वर्ष के 12-दिवसीय अभियान से बड़ी हो सकती है.

मध्य पूर्व में अभूतपूर्व सैन्य जमावड़ा

अमेरिका ने एफ-35 और एफ-22 जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों के साथ कमान और नियंत्रण विमान भी तैनात किए हैं. दूसरा विमानवाहक पोत भी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है. यूएसएस गेराल्ड फोर्ड कैरियर स्ट्राइक ग्रुप इस सप्ताहांत तक पहुंच सकता है.

फोर्ड कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के रास्ते में होने से मध्य पूर्व और पूर्वी भूमध्य सागर में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी बढ़कर 13 युद्धपोतों तक पहुंच गई है. वायु सेना के टैंकर और अतिरिक्त लड़ाकू विमान भी क्षेत्र के करीब तैनात किए जा रहे हैं.

बढ़ते दबाव के बीच ईरान की जवाबी तैयारी

अमेरिकी सैन्य दबाव के बीच, विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थान द्वारा जारी उपग्रह चित्रों के अनुसार, ईरान अपनी कई परमाणु सुविधाओं को कंक्रीट और मोटी मिट्टी की परतों से ढककर मजबूत कर रहा है.

इससे संकेत मिलता है कि तेहरान संभावित हमले को ध्यान में रखते हुए अपने संवेदनशील ठिकानों को सुरक्षित करने की कोशिश में है.

90% तक सैन्य कार्रवाई की आशंका

इस बीच, पहले सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने आने वाले हफ्तों में सैन्य कार्रवाई की संभावना 90 प्रतिशत तक बताई है. अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यदि हमला होता है तो वह सीमित नहीं, बल्कि कई हफ्तों तक चलने वाला सतत अभियान होगा.

तेजी से बदलते घटनाक्रम और दोनों पक्षों की सैन्य तैयारियों ने यह संकेत दिया है कि कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद क्षेत्र व्यापक संघर्ष की कगार पर खड़ा हो सकता है.

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