लॉस एंजिल्स में खामेनेई विरोधी रैली में अचानक घुसा ट्रक: कई घायल, VIDEO
लॉस एंजिल्स में ईरान विरोधी रैली के दौरान एक ट्रक अचानक भीड़ में घुस गया. हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस ने ड्राईवर को तुरंत हिरासत में ले लिया और जांच शूरू कर दिया.

नई दिल्ली: लॉस एंजिल्स में ईरान विरोधी प्रदर्शन उस समय अफरातफरी में बदल गया, जब वेस्टवुड इलाके में आयोजित रैली के दौरान एक ट्रक सीधे भीड़ में घुस गया. यह घटना रविवार दोपहर को हुई, जब हजारों लोग ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में विल्शायर फेडरल बिल्डिंग के बाहर जुटे हुए थे.
स्थानीय समयानुसार दोपहर दो बजे शुरू होने वाली इस रैली से ठीक पहले हुए हादसे में कम से कम दो लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है. ट्रक के अचानक भीड़ में घुसते ही प्रदर्शन स्थल पर भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.
BREAKING: Someone driving a U-Haul truck plows into people at an Iran protests in Los Angeles, California.
— Collin Rugg (@CollinRugg) January 12, 2026
“NO SHAH. NO REGIME. USA: DON'T REPEAT 1953. NO MULLAH,” a sign on the truck read.
Video: @Shangoolans pic.twitter.com/gI6Ft3unb9
वेस्टवुड में कैसे हुआ हादसा?
वहां मौजूद लोगों के मुताबिक एक यू-हॉल ट्रक अचानक नियंत्रण से बाहर होकर प्रदर्शनकारियों की भीड़ में जा घुसा. टक्कर लगते ही लोग जमीन पर गिरने लगे और मौके पर चीख-पुकार मच गई. घायलों को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया.
ट्रक पर लिखे राजनीतिक संदेश
हादसे में शामिल ट्रक पर ईरान के इतिहास से जुड़े राजनीतिक नारे भी लिखे हुए थे. ट्रक के एक हिस्से पर साफ शब्दों में लिखा था, 'कोई शाह नहीं, कोई शासन नहीं. USA: 1953 को मत दोहराओ, कोई मुल्ला नहीं,' जो 1953 में हुए अमेरिकी समर्थित तख्तापलट की ओर इशारा करता है.
पुलिस की कार्रवाई
मीडिया के अनुसार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रक से एक व्यक्ति को बाहर निकाला और उसे हिरासत में ले लिया. जब आरोपी को ले जाया जा रहा था, तब कुछ प्रदर्शनकारियों ने उस पर हमला करने की कोशिश की और कुछ ने झंडों के डंडों से मारने का प्रयास भी किया. पुलिस ने बीच में हस्तक्षेप कर हालात को काबू में लिया.
कानून प्रवर्तन एजेंसियों का बयान
कानून प्रवर्तन अधिकारियों का कहना है कि अभी यह साफ नहीं है कि ड्राइवर ने जानबूझकर भीड़ में गाड़ी चलाई या वह प्रदर्शन के दौरान घबरा गया था. यह रैली ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में आयोजित की गई थी, जिनके बारे में अमेरिका स्थित कार्यकर्ताओं का दावा है कि हिंसक कार्रवाई में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है.


