ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक...इजरायली PM ने मिस्र का निमंत्रण स्वीकारा, गाजा पीस समिट में लेंगे हिस्सा!

Donald Trump Israel visit : इजरायल की संसद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की बैठक हुई, जिसमें गाजा में शांति प्रक्रिया पर चर्चा हुई. नेतन्याहू ने मिस्र के राष्ट्रपति अल-सीसी के साथ फोन पर बात की और शर्म अल-शेख सम्मेलन में शामिल होने का न्योता स्वीकार किया. हमास ने 13 बंधकों को रिहा किया, जिन्हें इज़रायल वापस लाया गया. यह प्रयास गाजा में स्थायी शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

Donald Trump Israel visit : इजरायल की संसद केसेट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसका केंद्र बिंदु गाज़ा में शांति स्थापना था. इस उच्चस्तरीय चर्चा के दौरान ट्रंप की मध्यस्थता में नेतन्याहू ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से टेलीफोन पर संवाद किया. इस बातचीत के बाद नेतन्याहू ने शर्म अल-शेख में प्रस्तावित गाजा शांति सम्मेलन में भाग लेने का न्योता स्वीकार कर लिया. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि नेतन्याहू स्वयं इस सम्मेलन में शामिल होंगे या नहीं.

30 देशों के वैश्विक नेता भाग लेने जा रहे

आपको बता दें कि यह सम्मेलन ट्रंप की गाजा केंद्रित शांति योजना पर आधारित है, जिसमें तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन, फिलिस्तीनी प्राधिकरण के प्रमुख महमूद अब्बास, कतर, इंडोनेशिया सहित लगभग 30 देशों के वैश्विक नेता भाग लेने जा रहे हैं. इस बहुपक्षीय भागीदारी को गाजा में दीर्घकालिक शांति की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

अत्यंत सम्मानजनक, शानदार और सुंदर दिन
केसेट की अतिथि पुस्तिका पर हस्ताक्षर करते हुए ट्रंप ने लिखा “यह मेरे लिए अत्यंत सम्मानजनक है एक शानदार और सुंदर दिन, एक नई शुरुआत.” ट्रंप का यह संदेश हाल ही में गाज़ा में बंधकों की रिहाई और युद्धविराम समझौते के संदर्भ में उम्मीद की एक किरण के रूप में देखा जा रहा है.

हमास ने 13 बंधकों को रिहा कर दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इजरायल दौरे के दौरान, एक और सकारात्मक घटनाक्रम सामने आया. इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने पुष्टि की कि आतंकवादी संगठन हमास ने 13 बंधकों को रिहा कर दिया है और उन्हें दक्षिणी गाज़ा के खान यूनिस क्षेत्र में रेड क्रॉस को सौंप दिया गया. इसके बाद इन सभी को इज़रायल की सीमा में लाया गया, जहां IDF और इज़रायल सुरक्षा एजेंसी (ISA) के अधिकारी उनकी प्रारंभिक चिकित्सकीय जांच कर रहे हैं.

IDF ने अपने बयान में कहा कि रिहा किए गए बंधकों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया और सैनिकों ने उन्हें सलामी दी व गले लगाया. रेड क्रॉस ने पहले ही इज़रायली अधिकारियों को बंधकों की रिहाई की सूचना दे दी थी. यह कदम आने वाले दिनों में शांति वार्ता की दिशा में सहायक हो सकता है.

संभावनाओं से भरी एक नई शुरुआत
डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू की यह मुलाकात गाज़ा संकट के समाधान की संभावनाओं को नई दिशा दे रही है. जहां एक ओर यह राजनयिक प्रयास युद्धविराम और बंधकों की रिहाई को मजबूत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शर्म अल-शेख सम्मेलन जैसे मंच वैश्विक नेताओं को एक साथ लाकर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं. ट्रंप द्वारा इस पहल की अगुवाई करना न केवल मध्य-पूर्व बल्कि वैश्विक कूटनीति में भी एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है.

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