ट्रंप का अगला निशाना ईरान: वेनेजुएला से भी ज्यादा तबाही की आशंका, इजरायली नेता ने दी कड़ी चेतावनी
प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जेफ्री सैक्स ने हाल ही में बेहद गंभीर और तीखी टिप्पणी की है. उनका कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं.

नई दिल्ली: बीते सप्ताह लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इसी कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड, कोलंबिया, नाइजीरिया और ईरान समेत कई देशों को दी गई खुली चेतावनियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है. इन धमकियों के बीच अमेरिका की विदेश नीति पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं.
अमेरिका के जाने-माने अर्थशास्त्री और नीति विशेषज्ञ जेफ्री सैक्स ने ट्रंप प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका में कानून अब केवल एक काल्पनिक कहानी बनकर रह गया है और मौजूदा हालात बेहद खतरनाक दिशा में बढ़ रहे हैं.
अमेरिका की विदेश नीति पर सैक्स का वार
जेफ्री सैक्स ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं. उनके मुताबिक अमेरिका आज एक ऐसे डीप स्टेट सैन्य तंत्र के जरिए संचालित हो रहा है, जो संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं से ऊपर काम कर रहा है. सैक्स ने आगाह किया कि इस स्थिति का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है.
ईरान बन सकता है अगला निशाना
ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले के सवाल पर जेफ्री सैक्स ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की, तो हालात वेनेजुएला से भी ज्यादा भयावह होंगे. उन्होंने बताया कि नए साल से ठीक पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में ट्रंप से मुलाकात की थी, जहां से अगला नंबर ईरान का हो सकता है जैसे संकेत मिले.
इजरायल के दबाव में अमेरिका?
जेफ्री सैक्स के अनुसार इजरायल ईरान को लेकर बेहद जुनूनी है और वहां की सरकार को गिराना चाहता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अक्सर इजरायल के दबाव में फैसले करता नजर आता है और कई बार ऐसे युद्धों में उतर जाता है, जिन्हें इजरायल चाहता है. जेफ्री सैक्स ने इस स्थिति को अमेरिका और दुनिया दोनों के लिए बेहद खराब करार दिया.
संयुक्त राष्ट्र में भी जता चुके हैं चिंता
गौरतलब है कि जेफ्री सैक्स हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी गवाही दे चुके हैं. वहां भी उन्होंने अमेरिका की आक्रामक विदेश नीति और उसके दूरगामी परिणामों को लेकर चेताया था.


