ट्रंप के गाजा शांति प्रस्ताव को यूएन से मिली मंजूरी, लेकिन हमास ने उठाया बड़ा कदम
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ट्रंप की गाजा शांति योजना को मंजूरी दी, जिसमें संघर्ष विराम, पुनर्निर्माण और अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती शामिल है. हमास ने इसे खारिज किया, जबकि ट्रंप ने स्वागत किया. प्रस्ताव से गाजा में संक्रमणकालीन प्रशासन की राह मजबूत हुई.

नई दिल्लीः संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गाजा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तुत शांति योजना पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए इसे मंजूरी दे दी है. इस प्रस्ताव में संघर्ष विराम लागू करवाने, पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय सैनिकों की तैनाती जैसे प्रावधान शामिल हैं. सोमवार को हुए मतदान में यह 20-सूत्रीय योजना पारित हो गई, जिसे गाजा संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में पहला व्यापक रोडमैप माना जा रहा है.
मतदान में बहुमत से पारित हुआ प्रस्ताव
प्रस्ताव के समर्थन में सुरक्षा परिषद के 13 सदस्य देशों ने वोट दिया, जिनमें फ्रांस, ब्रिटेन और सोमालिया भी शामिल थे. किसी भी देश ने इसके विरोध में मतदान नहीं किया, जबकि रूस और चीन ने मतदान से दूरी बनाए रखी. इस अनुमोदन को मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है. पिछले महीने इजराइल और हमास के बीच हुए समझौते के बाद युद्ध विराम लागू हुआ था और बंधकों की रिहाई का रास्ता भी साफ हुआ था. अब इस प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति मिल जाने के बाद गाजा के लिए एक संक्रमणकालीन प्रशासन की स्थापना का मार्ग मजबूत हो गया है.
गाजा के पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय बोर्ड का गठन
सुरक्षा परिषद के दस्तावेज़ में ट्रंप की योजना को केंद्रीय रूप से शामिल किया गया है. इसके तहत संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को एक अंतरराष्ट्रीय शांति बोर्ड का हिस्सा बनने का निमंत्रण दिया गया है, जो गाजा के पुनर्निर्माण और आर्थिक स्थिरीकरण की देखरेख करेगा. साथ ही एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल को भी अधिकृत किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य गाजा का विसैन्यीकरण, हथियारों को निष्क्रिय करना और सैन्य ढांचे को ध्वस्त करना होगा.
नए मसौदे में स्पष्ट किया गया है कि यदि फिलिस्तीनी प्राधिकरण अपनी सुधार योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू कर लेता है और पुनर्निर्माण तेजी से आगे बढ़ता है, तो भविष्य में फिलिस्तीनी राज्य और आत्मनिर्णय के लिए एक विश्वसनीय मार्ग तैयार किया जा सकता है.
हमास ने प्रस्ताव को किया खारिज
हमास ने इस निर्णय को सख्त शब्दों में खारिज कर दिया है. समूह का कहना है कि यह प्रस्ताव फिलिस्तीनियों के मूल अधिकारों का प्रतिनिधित्व नहीं करता और गाजा पर अंतरराष्ट्रीय ट्रस्टीशिप थोपने की कोशिश है. हमास ने विशेष रूप से उस प्रावधान का विरोध किया जिसमें अंतरराष्ट्रीय बल को स्थानीय प्रतिरोध समूहों को निरस्त्र करने का अधिकार दिया गया है. समूह के मुताबिक, इससे अंतरराष्ट्रीय बल अपनी तटस्थता खो देगा और संघर्ष में एक पक्ष की तरह काम करेगा.
ट्रंप ने फैसले की प्रशंसा की
मतदान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण स्वीकृतियों में से एक है. उन्होंने दावा किया कि वह शांति बोर्ड की अध्यक्षता करेंगे और इसमें दुनिया के प्रमुख नेता शामिल होंगे, जो गाजा के भविष्य को स्थिर और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम करेंगे.
इजराइल की प्रतिक्रिया
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रस्ताव पर मिश्रित प्रतिक्रिया व्यक्त की है. दक्षिणपंथी मंत्रियों के दबाव का सामना कर रहे नेतन्याहू ने फिलिस्तीनी राज्य की किसी भी संभावना को खारिज करते हुए कहा कि इजराइल गाजा का पूर्ण विसैन्यीकरण किसी भी हाल में सुनिश्चित करेगा.


