मिडिल ईस्ट के बड़े हिस्से पर इजरायल का अधिकार, US एंबेसडर हकाबी के बयान से अरब राष्ट्र में मची खलबली

मिस्र के विदेश मंत्रालय ने इजराइल की उन टिप्पणियों को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया. उन्होंने साफ कहा कि इजराइल का कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाकों या किसी भी अरब भूमि पर कोई हक नहीं है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: पड़ोसी अरब और मुस्लिम देशों ने इजराइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी के बयान की कड़ी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि इजराइल को मध्य पूर्व के बड़े हिस्से पर अधिकार प्राप्त है. हकाबी ने यह स्पष्ट किया कि इजराइल क्षेत्रीय विस्तार की इच्छा नहीं रखता, लेकिन अपनी वैध भूमि पर सुरक्षा सुनिश्चित करने का पूरा हक रखता है.

इस विवादास्पद टिप्पणी ने मिस्र, जॉर्डन, सऊदी अरब, कुवैत, ओमान, इस्लामिक सहयोग संगठन और अरब लीग जैसे संगठनों से तीखी प्रतिक्रियाएं आमंत्रित कीं. सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इन बयानों को अतिवादी और अस्वीकार्य करार देते हुए अमेरिकी विदेश विभाग से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की.

अंतरराष्ट्रीय नियमों की अवहेलना

मिस्र के विदेश मंत्रालय ने हकाबी की टिप्पणियों को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया और कहा कि इजराइल को कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों या अन्य अरब भूमियों पर कोई संप्रभुता नहीं है. अरब लीग ने कहा कि ऐसे चरमपंथी और आधारहीन बयान केवल भावनाओं को उकसाते हैं तथा धार्मिक व राष्ट्रीय संवेदनाओं को भड़काते हैं.

इजराइल-अमेरिका की चुप्पी

इजराइल या अमेरिका की ओर से इस मुद्दे पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है. 1948 में स्थापना के बाद से इजराइल की सीमाएं कभी पूर्ण रूप से मान्यता प्राप्त नहीं हुईं, जो युद्धों, विलयों, युद्धविरामों और शांति समझौतों से प्रभावित होती रही हैं.

1967 के युद्ध के परिणाम

1967 के छह दिवसीय मध्य पूर्व युद्ध में इजराइल ने जॉर्डन से वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम, मिस्र से गाजा व सिनाई प्रायद्वीप तथा सीरिया से गोलान हाइट्स पर कब्जा किया था. 1973 के युद्ध के बाद मिस्र के साथ शांति समझौते के तहत इजराइल सिनाई से हट गया और 2005 में गाजा से एकतरफा वापसी की.

वेस्ट बैंक पर बढ़ता नियंत्रण

हालिया महीनों में इजराइल ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक पर अपना दबदबा मजबूत करने के प्रयास तेज किए हैं, जिसमें यहूदी बस्तियों का विस्तार, चौकियों को वैधता प्रदान करना और प्रशासनिक बदलाव शामिल हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वह इजराइल को वेस्ट बैंक पर कब्जा करने की अनुमति नहीं देंगे और ऐसे किसी भी कदम को रोकने का वादा किया है.

फिलिस्तीनी राज्य की मांग

फिलिस्तीनी दशकों से वेस्ट बैंक और गाजा में पूर्वी यरुशलम को राजधानी बनाकर स्वतंत्र राज्य की मांग कर रहे हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय का व्यापक समर्थन प्राप्त है. हकाबी लंबे समय से इजराइल और फिलिस्तीनियों के लिए दो-राज्य समाधान का विरोध करते आए हैं. पिछले वर्ष एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि वह ब्रिटिश-नियंत्रित फिलिस्तीन में रहने वाले लोगों के अरब वंशजों को फिलिस्तीनी कहना उचित नहीं समझते.

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