खारग द्वीप पर अमेरिकी हमला, ट्रंप ने कहा- 'मध्य पूर्व के इतिहास में सबसे शक्तिशाली बमबारी'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खारग द्वीप पर बड़े पैमाने पर बमबारी की है. ट्रंप ने कहा कि इस हमले में द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य लक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण खारग द्वीप पर सैन्य कार्रवाई की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने इस द्वीप पर मौजूद सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर बमबारी की.

ट्रंप ने साथ ही ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध करने की कोशिश न करने की सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि यदि किसी भी देश ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही में बाधा डालने का प्रयास किया, तो अमेरिका तुरंत कड़ा कदम उठाएगा.

खारग द्वीप पर अमेरिका की बड़ी सैन्य कार्रवाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके निर्देश पर अमेरिकी केंद्रीय कमान ने ईरान के सबसे अहम सैन्य ठिकाने खारग द्वीप पर बड़े पैमाने पर हमला किया. उन्होंने इसे मध्य पूर्व के इतिहास की सबसे शक्तिशाली बमबारी में से एक बताया.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा, "कुछ क्षण पहले, मेरे निर्देश पर, संयुक्त राज्य अमेरिका के केंद्रीय कमान ने मध्य पूर्व के इतिहास में सबसे शक्तिशाली बमबारी हमलों में से एक को अंजाम दिया और ईरान के सबसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने, खारग द्वीप में स्थित हर सैन्य लक्ष्य को पूरी तरह से नष्ट कर दिया."

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि द्वीप पर मौजूद तेल से जुड़ी संरचनाओं को नुकसान नहीं पहुंचाया गया.

उन्होंने कहा, "मैंने द्वीप पर मौजूद तेल अवसंरचना को नष्ट न करने का विकल्प चुना है."

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप की सख्त चेतावनी

हमले के बाद ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की किसी भी कोशिश के खिलाफ चेतावनी दी.

उन्होंने कहा, "यदि ईरान या कोई अन्य व्यक्ति होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के स्वतंत्र और सुरक्षित आवागमन में बाधा डालने का कोई भी प्रयास करता है, तो मैं तुरंत इस निर्णय पर पुनर्विचार करूंगा."

इसी बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका अतिरिक्त 2,500 मरीन सैनिकों और तीन युद्धपोतों को क्षेत्र में तैनात कर रहा है.

जहाजों को सुरक्षा देने की तैयारी

इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा प्रदान करना शुरू करेगा.

जब उनसे पूछा गया कि अमेरिकी नौसेना टैंकरों को कब सुरक्षा देगी, तो उन्होंने कहा, "यह जल्द ही होगा."

ट्रंप ने यह भी कहा कि जहाजों पर ईरान के हमले उसकी "आखिरी कोशिश" थे. फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिका "अगले हफ्ते ईरान पर कड़े हमले जारी रखेगा."

ईरान की प्रतिक्रिया

अमेरिकी चेतावनी के बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा कि उनका देश होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी तरीके से बंद रखने की कोशिश करेगा. इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

खारग द्वीप क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

खारग द्वीप उत्तरी फारस की खाड़ी में स्थित एक छोटा लेकिन बेहद रणनीतिक क्षेत्र है. यह ईरान की मुख्य भूमि से लगभग 24 किलोमीटर दूर स्थित है और देश के तेल निर्यात के लिए सबसे बड़ा टर्मिनल माना जाता है.

यह द्वीप ईरान के लगभग 90 प्रतिशत कच्चे तेल के निर्यात को संभालता है. इसकी लोडिंग क्षमता प्रतिदिन करीब 7 मिलियन बैरल बताई जाती है.

संघर्ष के दूसरे सप्ताह के शुक्रवार तक अमेरिकी और इजरायली बलों ने इस छोटे लेकिन अहम भूभाग को सीधे तौर पर निशाना नहीं बनाया था. हालांकि संघर्ष शुरू होने के बाद से ही यह द्वीप ट्रंप प्रशासन की नजर में बना हुआ था.

अमेरिकी रक्षा सचिव का बयान

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि यह सैन्य अभियान ईरान की प्रमुख सैन्य क्षमताओं को खत्म करने की रणनीति के तहत चलाया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई "उनकी सभी महत्वपूर्ण सैन्य क्षमताओं को हराने, नष्ट करने और निष्क्रिय करने की योजना के अनुरूप चल रहा है, ऐसी गति से जो दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी."

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