अमेरिका-इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर 7 बार हमला किया , ईरान ने UN को सौंप दी पूरी लिस्ट!
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक दिलचस्प कदम उठाते हुए, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान की परमाणु सुविधाओं पर किए गए बार-बार हमलों की पूरी सूची संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय न्यूक्लियर वॉचडॉग को भेज दी है.

ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाया है कि 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद दोनों देशों ने उसके परमाणु ठिकानों पर कुल 7 बार हमला किया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र महासचिव, यूएन सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों और IAEA के डायरेक्टर जनरल को एक विस्तृत पत्र लिखा है.
इस पत्र में ईरान ने विभिन्न तारीखों पर अपने न्यूक्लियर साइट्स पर हुए हमलों की पूरी सूची दी है और कहा है कि ये हमले गैर-कानूनी हैं तथा पूरे क्षेत्र को रेडियोएक्टिव प्रदूषण के गंभीर खतरे में डाल रहे हैं.
ईरान के परमाणु ठिकानों पर 7 हमलों की सूची
ईरानी विदेश मंत्री के पत्र के अनुसार, निम्नलिखित तारीखों पर हमले हुए:1 मार्च को नतांज परमाणु सुविधा पर दो बार हमला किया गया
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17 मार्च को एक्टिव बुशहर परमाणु पावर प्लांट से महज 350 मीटर दूर एक ढांचे पर हमला किया गया
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21 मार्च को नतांज परमाणु सुविधा के कई बिंदुओं पर बमबारी की गई
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24 मार्च को बुशहर परमाणु पावर प्लांट की विस्तृत परिधि के भीतर एक मिसाइल गिरी
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27 मार्च को बुशहर परमाणु पावर प्लांट पर तीसरी बार हमला किया गया
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27 मार्च को खोंदाब-अरक में भारी जल उत्पादन संयंत्र (हेवी वाटर प्लांट) पर हमला किया गया
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27 मार्च को अर्दाकन-यज्द यूरेनियम प्रोसेसिंग साइट पर बमबारी की गई
ईरान का मुख्य आरोप
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पत्र में लिखा है, ये गैर-कानूनी हमले पूरे इलाके को रेडियोएक्टिव प्रदूषण के खतरे में डाल देते हैं. इससे मानवता और पर्यावरण पर बहुत गंभीर असर पड़ सकता है. उन्होंने आगे कहा, सिर्फ नौ महीनों के अंदर, ईरान के इस्लामी गणराज्य पर दो आक्रामक युद्ध थोप दिए गए. एक अमेरिका द्वारा, जो परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाली संधि का संरक्षक है, और दूसरा इजरायल द्वारा, जो कानून से बाहर चलने वाला देश है क्योंकि वह NPT के ढांचे के बाहर है.
Press Release
— Embassy of I.R. Iran in Sri Lanka (@IRANinSriLanka) April 7, 2026
H.E. Dr. Abbas Araghchi, Iranian Foreign Minister, has addressed a letter to the UN Secretary-General, Security Council members, and IAEA Director General regarding the repeated armed attacks by the U.S. and Israeli regime on Iran’s safeguarded nuclear facilities.… pic.twitter.com/YQnsOGezTc
UN और IAEA पर ईरान की नाराजगी
पत्र में ईरानी विदेश मंत्री ने गहरी निराशा जताते हुए लिखा है, इन दोनों ही मामलों में ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु केंद्रों पर हमला किया गया और बम गिराए गए. लेकिन गहरी निराशा की बात यह है कि UN सुरक्षा परिषद, IAEA का बोर्ड ऑफ गवर्नर्स और इसके डायरेक्टर जनरल... इन संस्थाओं ने इन गैर-कानूनी हमलों की निंदा तक नहीं की. उन्होंने कहा कि इन हमलों की श्रृंखला ने संयुक्त राष्ट्र, सुरक्षा परिषद, IAEA और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को गहरी और अपूरणीय क्षति पहुंचाई है.
अमेरिकी अधिकारियों की लापरवाही का आरोप
ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून को बेवकूफी बता रहे हैं और अब ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमला करने की धमकी दे रहे हैं. ईरानी विदेश मंत्री ने लिखा, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की स्थायी प्रतिनिधि ने खुले तौर पर कहा है कि बुशेहर परमाणु पावर प्लांट पर हमला करने का विकल्प भी खारिज नहीं किया गया है. यह लापरवाही इसलिए बढ़ी है क्योंकि UN और अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने अमेरिका और इजरायल के साफ-साफ आक्रामक कदमों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की.


