कितनी अलग है फ्रांस की शराब? जिसके पीछे पड़ा अमेरिका...ट्रंप ने मैक्रों को दी यह धमकी

फ्रांस की शराब दुनियाभर में प्रसिद्ध है. इसकी बिक्री सुपरमार्केट से 70% होती है. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इनपर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस की वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है. यह धमकी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल न होने के बाद आई है. ट्रंप ने कहा कि मैक्रों जल्द पद छोड़ने वाले हैं और कोई उन्हें बोर्ड में नहीं चाहता. अगर वे विरोध करते हैं तो फ्रेंच शराब पर भारी टैरिफ लगेगा. यह मामला राजनीति से ज्यादा फ्रांस की शराब की खासियत को उजागर करता है. 

बोर्ड ऑफ पीस क्या है?

ट्रंप ने गाजा युद्ध के बाद 'बोर्ड ऑफ पीस' बनाने का ऐलान किया. यह बोर्ड गाजा के पुनर्निर्माण, निवेश और शांति प्रक्रिया में मदद करेगा. इसमें रूस के पुतिन, ब्रिटेन के स्टारमर और भारत के मोदी जैसे नेताओं को शामिल करने की योजना है. मैक्रों ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया, जिससे ट्रंप नाराज हो गए. 

फ्रांस की शराब बाजार का आकार

फ्रांस का अल्कोहल बाजार करीब 69 अरब डॉलर का है. 2032 तक यह 73 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. 2025 में बिक्री की मात्रा कम हुई, लेकिन कीमतें बढ़ने से कुल कमाई बढ़ी. लोग अब ज्यादा मात्रा की बजाय अच्छी क्वालिटी वाली शराब चुन रहे हैं. पेरिस ओलंपिक और पर्यटन से बार-रेस्टोरेंट में बिक्री बढ़ी. वहीं सुपरमार्केट से 70% बिक्री होती है. 

फ्रांस की शराब क्यों है खास और अलग?

फ्रांस में शराब सिर्फ पीने की चीज नहीं, बल्कि संस्कृति और कला है. यह सैकड़ों साल पुरानी परंपरा के साथ बनती है. 

  • टेरॉयर की ताकत- अंगूर की किस्म, मिट्टी, मौसम और इलाका स्वाद तय करता है. इसे 'टेरॉयर' कहते हैं. यही फ्रेंच शराब की सबसे बड़ी खासियत है.
  • प्रीमियम और लग्जरी- शैंपेन, कॉन्यैक और आर्मन्याक जैसी शराब दुनिया में स्टेटस सिंबल हैं. अमीर लोग इन्हें बहुत पसंद करते हैं.
  • सख्त नियम- शराब बनाने के लिए कड़े कानून हैं. कौन-सा अंगूर, कहां उगेगा, कितना समय लगेगा सब तय होता है. यही वजह है कि दुनिया की कोई भी शराब फ्रेंच शराब जैसा स्वाद नहीं दे पाती.
  • नो और लो-अल्कोहल ट्रेंड- अब लोग कम अल्कोहल वाली या बिना अल्कोहल वाली ड्रिंक्स ज्यादा ले रहे हैं. सस्ती वाइन और बैग-इन-बॉक्स पैक भी लोकप्रिय हो रहे हैं.

फ्रेंच शराब का सबसे बड़ा बाजार अमेरिका 

अमेरिका फ्रेंच शराब का सबसे बड़ा बाजार है. खासकर शैंपेन और कॉन्यैक की बिक्री में अमेरिका आगे है. ट्रंप की टैरिफ धमकी से फ्रांस को बड़ा नुकसान हो सकता है, क्योंकि अमेरिका में ये शराब बहुत महंगी हो जाएंगी. ट्रंप की यह धमकी राजनीतिक है, लेकिन फ्रांस की शराब की दुनिया भर में अलग पहचान दिखाती है. 
 

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