भारत-यूक्रेन संबंधों में गर्मजोशी, PM मोदी ने यूक्रेन की जनता को दी शुभकानाएं, कहा- संवाद ही समाधान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की को भारत के स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया और यूक्रेन के लिए शांति व समृद्धि की कामना की. भारत ने अमेरिका-रूस अलास्का शिखर सम्मेलन का स्वागत करते हुए कहा कि यूक्रेन युद्ध का समाधान केवल संवाद और कूटनीति से ही संभव है. भारत ने वैश्विक शांति प्रयासों में रचनात्मक भूमिका निभाने की इच्छा भी जताई.

India-Ukraine relations : प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं देने के लिए आभार जताया. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा कि वे भारत और यूक्रेन के बीच मजबूत होते रिश्तों को महत्व देते हैं और यूक्रेनी जनता के लिए शांति, प्रगति और समृद्धि की कामना करते हैं.
Thank you President Zelenskyy for your warm greetings. I deeply value the joint commitment to forging even closer ties between India and Ukraine. We earnestly wish our friends in Ukraine a future marked by peace, progress and prosperity.@ZelenskyyUa https://t.co/g5HYuCuIRo
— Narendra Modi (@narendramodi) August 16, 2025
जेलेंस्की ने दी थी स्वतंत्रता दिवस की बधाई
यूक्रेन की उम्मीदें और भारत की भूमिका
अपने संदेश में जेलेंस्की ने यह भी कहा कि भारत और यूक्रेन, दोनों देश स्वतंत्रता, गरिमा और विकास के लिए संघर्ष के अनुभव को साझा करते हैं. उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत, रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में रचनात्मक भूमिका निभाएगा ताकि यूक्रेन की संप्रभुता और आज़ादी की रक्षा सुनिश्चित की जा सके. जेलेंस्की ने विज्ञान, व्यापार, तकनीक और संस्कृति के क्षेत्र में भारत-यूक्रेन सहयोग की संभावनाओं पर भी विश्वास जताया.
संवाद और कूटनीति से समाधान
अमेरिका के अलास्का में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के बाद भारत ने अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी. विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि भारत इस शिखर सम्मेलन का स्वागत करता है और दोनों नेताओं की शांति के लिए की गई पहल की सराहना करता है. मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि यूक्रेन संकट का हल केवल संवाद और कूटनीति से संभव है.भारत की इस प्रतिक्रिया में यह स्पष्ट किया गया कि वह युद्ध के बजाय बातचीत को प्राथमिकता देता है और विश्व समुदाय की तरह वह भी यूक्रेन में शीघ्र शांति बहाली देखना चाहता है.
शिखर सम्मेलन, शांति की दिशा में पहला कदम
हालांकि अलास्का में ट्रंप और पुतिन की मुलाकात में कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, लेकिन दोनों नेताओं ने बैठक को "उत्पादक" बताया. यह शिखर वार्ता भविष्य में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच और बातचीत के रास्ते खोलने के रूप में देखी जा रही है. इस बैठक के बाद भारत की प्रतिक्रिया भी एक सकारात्मक और संतुलित कूटनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें युद्ध से अधिक संवाद को महत्व दिया गया है.


