हमने पुलिस स्टेशन को जलाया, हिन्दू SI को मारा… बांग्लादेश में स्टूडेंट लीडर का सनसनीखेज कबूलनामा
बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच एक स्टूडेंट लीडर का चौंकाने वाला कबूलनामा सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवक पुलिस स्टेशन जलाने और सब-इंस्पेक्टर की हत्या की बात खुलेआम स्वीकार करता दिख रहा है, जिससे देश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.

नई दिल्ली: बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के शासनकाल के दौरान बढ़ती हिंसा एक बार फिर सुर्खियों में है. अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने देश की राजनीति और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
इस वायरल वीडियो में पुलिस स्टेशन के अंदर बैठा एक युवक खुद को छात्र आंदोलन से जुड़ा नेता बताते हुए खुलेआम पुलिस स्टेशन जलाने और एक सब-इंस्पेक्टर की हत्या करने की बात कबूल करता नजर आ रहा है. वीडियो सामने आने के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है.
जुलाई आंदोलन की पृष्ठभूमि
पिछले साल जुलाई में बांग्लादेश में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के खिलाफ हिंसक छात्र आंदोलन भड़क उठा था. इस दौरान कई पुलिस थानों पर हमले किए गए और कई जगह आगजनी की घटनाएं सामने आईं. हालात इतने बिगड़े कि शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा.
हालांकि, इस आंदोलन की कीमत सिर्फ राजनीतिक नेतृत्व ने ही नहीं चुकाई. बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हिंसा की चपेट में आए, जिनका राजनीति या किसी दल से कोई सीधा संबंध नहीं था. इनमें अल्पसंख्यक समुदाय के लोग, सुरक्षाबल के जवान और पुलिसकर्मी शामिल थे.
SI संतोष चौधरी को जिंदा जलाया
हिंसा में मारे गए लोगों में एक नाम सब-इंस्पेक्टर संतोष चौधरी का भी है. वह बांग्लादेश के सबसे बड़े गांव बनियाचांग पुलिस स्टेशन में तैनात थे. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ग्रामीणों पर अत्याचार कर रही है, जिसके बाद गुस्साई भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर धावा बोल दिया.
भीड़ ने थाने में तोड़फोड़ की और फिर उसमें आग लगा दी. इस दौरान SI संतोष चौधरी की जिंदा जलकर मौत हो गई. बाद में उनकी जली हुई लाश पुलिस स्टेशन के सामने से बरामद की गई थी.
वायरल वीडियो में खुला इकरार
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महदी हसन नाम का युवक शायस्तागंज पुलिस स्टेशन के ओसी अबुल कलाम से बात करता नजर आता है. वह खुद को ‘एंटी-डिस्क्रिमिनेशन स्टूडेंट मूवमेंट’ का हबीगंज जिला जनरल सेक्रेटरी बताता है.हालांकी जेबीटी ने इस वीडियो की पुष्टि नहीं की है.
वीडियो में महदी हसन कहते हुए सुनाई देते हैं, "हमने यह सरकार बनाई है. आप (पुलिस अधिकारी) हमारे एडमिनिस्ट्रेशन हैं, लेकिन आपने हमारे समर्थक को हिरासत में ले लिया."
इसके बाद वह आगे कहता है, "हमने बनियाचांग पुलिस स्टेशन जला दिया. हमने SI संतोष को भी जला दिया."
गिरफ्तारी, घेराव और जमानत
जानकारी के मुताबिक, पिछले गुरुवार को शायस्तागंज थाने की पुलिस ने आवामी लीग से जुड़े एक स्टूडेंट लीडर नयन को गिरफ्तार किया था. इसके विरोध में शुक्रवार को एंटी-डिस्क्रिमिनेशन स्टूडेंट मूवमेंट से जुड़े छात्र नेताओं ने थाने का घेराव किया और पुलिस से तीखी बहस हुई.
इसी दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद शनिवार शाम को महदी हसन को पुलिस ने गिरफ्तार किया. हालांकि, रविवार सुबह उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई.
सोशल मीडिया पर आक्रोश
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कई यूजर्स ने खुलेआम हिंसा की कबूलियत और उसके बाद जमानत मिलने पर सवाल उठाए हैं. मामला अब सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हालात का प्रतीक बनता जा रहा है.


