क्या है अमेरिका की डेल्टा फोर्स? जिसने चलाया ऑपरेशन मादुरो...सद्दाम हुसैन और बगदादी को पकड़ने में भी निभा चुकी है अहम रोल

अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य हमले कर राष्ट्रपति मादुरो और उनके परिवार को डेल्टा फोर्स के जरिए हिरासत में लेने का दावा किया. वेनेजुएला सरकार की अनिश्चितता बढ़ी, जबकि डेल्टा फोर्स के गुप्त और हाई-प्रोफाइल मिशन चर्चा में हैं.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास समेत कई प्रमुख इलाकों में सैन्य हमले किए हैं. इन कार्रवाइयों के बीच वैश्विक राजनीति में हलचल तब और तेज हो गई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को लेकर बड़ा दावा किया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने मादुरो और उनके परिवार को पकड़ लिया है और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है. इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और अनिश्चितता का माहौल बन गया है.

मादुरो का परिवार हिरासत में

शनिवार को दिए गए अपने बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों ने एक विशेष अभियान के तहत मादुरो के परिवार को बंधक बनाकर सुरक्षित तरीके से वेनेजुएला से बाहर निकाल लिया है. ट्रंप के अनुसार, यह मिशन अमेरिकी सेना की अत्यंत गोपनीय और प्रशिक्षित यूनिट ‘डेल्टा फोर्स’ द्वारा अंजाम दिया गया. उन्होंने इस ऑपरेशन को साहसिक और बेहद सटीक बताते हुए सैनिकों की खुलकर सराहना की.

वेनेजुएला सरकार में बेचैनी

इस घटनाक्रम के बाद वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि सरकार को राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी की मौजूदा स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. रोड्रिगेज ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पुष्टि की मांग करते हुए कहा कि यह जानना जरूरी है कि वे दोनों सुरक्षित और जीवित हैं या नहीं. उनके इस बयान से वेनेजुएला में राजनीतिक अनिश्चितता और बढ़ गई है.

डेल्टा फोर्स के नाम जुड़ा मिशन

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो को पकड़ने का ऑपरेशन अमेरिकी सेना की टॉप स्पेशल मिशन यूनिट डेल्टा फोर्स ने अंजाम दिया. यह वही यूनिट है, जिसने पहले भी कई हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा किया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह मिशन बेहतरीन रणनीति, साहस और समन्वय का उदाहरण है.

क्या है डेल्टा फोर्स की खासियत?

डेल्टा फोर्स को दुनिया की सबसे खतरनाक और गोपनीय सैन्य इकाइयों में गिना जाता है. इसका आधिकारिक नाम फर्स्ट स्पेशल फोर्सेज ऑपरेशनल डिटैचमेंट-डेल्टा (1st SFOD-D) है, लेकिन आमतौर पर इसे डेल्टा फोर्स के नाम से जाना जाता है. यह यूनिट अमेरिकी सेना के जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) के अंतर्गत काम करती है और इसे टियर-1 स्पेशल मिशन यूनिट माना जाता है.

सीक्रेट मिशन 

डेल्टा फोर्स का मुख्य काम ऐसे मिशनों को अंजाम देना होता है, जो आमतौर पर सार्वजनिक नहीं किए जाते. इसमें दुश्मन के कब्जे से बंधकों को छुड़ाना, अमेरिका द्वारा घोषित आतंकियों को पकड़ना या मार गिराना और शत्रु क्षेत्र में गुप्त ऑपरेशन शामिल होते हैं. कई बार इन अभियानों की जानकारी अमेरिकी सांसदों तक को नहीं होती.

1970 के दशक में हुआ गठन

डेल्टा फोर्स की स्थापना 1970 के दशक के अंत में ब्रिटेन की प्रसिद्ध स्पेशल एयर सर्विस (SAS) से प्रेरित होकर की गई थी. इसका उद्देश्य अमेरिकी सेना को एक समर्पित आतंकवाद-रोधी बल देना था, जो बेहद संवेदनशील और खतरनाक अभियानों को अंजाम दे सके.

पहले भी निभा चुकी है अहम भूमिका

डेल्टा फोर्स का नाम इससे पहले भी कई बड़े अभियानों में सामने आ चुका है. 2019 में आईएसआईएस सरगना अबू बक्र अल-बगदादी को मार गिराने वाले ऑपरेशन में भी इस यूनिट की भूमिका अहम बताई गई थी. इसके अलावा इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को पकड़ने वाले अभियान में भी डेल्टा फोर्स को बड़ी सफलता मिली थी.

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