'उनकी ड्राइंग नहीं', व्हाइट हाउस ने ट्रंप-एप्सटीन बर्थडे नोट को बताया फर्जी

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप और जेफ्री एप्सटीन से जुड़ा एक कथित बर्थडे नोट विवादों में है. डेमोक्रेट्स का दावा है कि यह नोट 2003 में ट्रंप ने लिखा था, जबकि व्हाइट हाउस ने इसे फर्जी करार देकर खारिज कर दिया है. इस नोट में एक महिला की आकृति का स्केच भी बना हुआ है.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Trump Epstein note: अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप और जेफ्री एप्सटीन का नाम सुर्खियों में है. डेमोक्रेट्स की हाउस ओवरसाइट कमेटी ने एक कथित जन्मदिन नोट सार्वजनिक किया है. इसके बारे में उनका दावा है कि यह 2003 में एप्सटीन के लिए ट्रंप द्वारा लिखा गया था. इस नोट में न केवल एक रहस्यमयी संदेश है, बल्कि एक महिला की आकृति का स्केच भी बना हुआ है.

डेमोक्रेट्स का आरोप है कि इस नोट से ट्रंप और एप्सटीन के बीच किसी गुप्त रहस्य का इशारा मिलता है. वहीं व्हाइट हाउस ने इसे फर्जी करार दिया है और साफ कहा है कि यह न तो ट्रंप की लिखावट है और न ही उनका चित्र. विवाद अब इतना बढ़ गया है कि मामला वॉल स्ट्रीट जर्नल पर दायर ट्रंप के 10 अरब डॉलर के मुकदमे से जुड़ गया है.

डेमोक्रेट्स का दावा

हाउस ओवरसाइट कमेटी के डेमोक्रेटिक सदस्यों ने सोमवार को यह पत्र सार्वजनिक किया. इसमें लिखा है, "एक दोस्त एक अद्भुत चीज है. जन्मदिन मुबारक हो और हर दिन एक और अद्भुत रहस्य हो."

डेमोक्रेट्स ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "हमें जेफरी एपस्टीन को ट्रंप का जन्मदिन का नोट मिला है, जिसके बारे में राष्ट्रपति ने कहा था कि वह मौजूद ही नहीं है. ट्रंप उस 'अद्भुत रहस्य' के बारे में बात कर रहे हैं जो दोनों ने साझा किया था. वह क्या छिपा रहे हैं? फाइलें जारी करें."

कांग्रेस सदस्य रॉबर्ट गार्सिया (डी-California) ने भी इसे साझा करते हुए लिखा, "हमें एपस्टीन का वो नोट मिला है जिसके बारे में ट्रंप कहते हैं कि वो मौजूद ही नहीं है. व्हाइट हाउस की इस लीपापोती को ख़त्म करने का समय आ गया है."

व्हाइट हाउस का खंडन

व्हाइट हाउस ने इस पूरे मामले को झूठा बताते हुए सख्त प्रतिक्रिया दी. प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने एक्स पर लिखा, "वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा प्रकाशित नवीनतम लेख यह साबित करता है कि यह पूरी 'जन्मदिन कार्ड' कहानी झूठी है."

उन्होंने आगे कहा, "जैसा कि मैंने हमेशा कहा है, यह बिल्कुल स्पष्ट है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह चित्र नहीं बनाया है और न ही उन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए हैं. राष्ट्रपति ट्रम्प की कानूनी टीम मुकदमेबाजी को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाती रहेगी."

लेविट ने पत्रकार पर भी आरोप लगाया कि उसने जवाब लेने का उचित समय नहीं दिया और जानबूझकर फेक न्यूज फैलाने की कोशिश की.

वॉल स्ट्रीट जर्नल पर मुकदमा

जुलाई में वॉल स्ट्रीट जर्नल ने पहली बार इस जन्मदिन नोट का जिक्र किया था. तब ट्रंप ने इसे पूरी तरह नकारते हुए कहा था, "ये मेरे शब्द नहीं हैं, ये मेरे बात करने का तरीका नहीं है. और मैं चित्र भी नहीं बनाता." इसके बाद उन्होंने अखबार पर 10 अरब डॉलर का मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया. ट्रंप का कहना है कि अखबार ने फर्जी खबर छापी है जिसका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना है.

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