मिनेसोटा में ICE एजेंटों ने 5 साल के लड़के को हिरासत में क्यों लिया?

मिनेसोटा में आईसीई एजेंटों ने प्रीस्कूल से लौटे पांच वर्षीय इक्वाडोरियन बच्चे और उसके पिता को हिरासत में लेकर टेक्सास के डिटेंशन सेंटर भेज दिया. इस घटना ने अमेरिका में प्रवासी नीति और नाबालिगों के साथ व्यवहार को लेकर तीखी बहस छेड़ दी है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा अवैध प्रवास पर सख्त रुख अपनाए जाने के बीच मिनेसोटा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. संघीय आव्रजन प्रवर्तन एजेंसी (आईसीई) के अधिकारियों ने एक पांच वर्षीय इक्वाडोरियन बच्चे को हिरासत में ले लिया, जो हाल ही में प्रीस्कूल से घर लौटा था.

प्रवासियों के खिलाफ अभियान 

कोलंबिया हाइट्स पब्लिक स्कूल डिस्ट्रिक्ट की अधीक्षक ज़ेना स्टेनविक के अनुसार, हिरासत में लिए गए चार नाबालिगों में यह बच्चा भी शामिल है, जिसका नाम लियाम कोनेजो रामोस बताया गया है. अन्य हिरासत में लिए गए बच्चों में दो 17 वर्षीय और एक 10 वर्षीय किशोर शामिल हैं. यह कार्रवाई उस समय हुई जब आईसीई एजेंट इलाके में प्रवासियों के खिलाफ अभियान चला रहे थे.

रामोस परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील मार्क प्रोकोश ने बताया कि लियाम और उसके पिता दोनों ही अमेरिका में शरण के लिए आवेदन कर चुके थे और कानूनी प्रक्रिया के तहत देश में रह रहे थे. इसके बावजूद उन्हें टेक्सास के डिली स्थित एक पारिवारिक हिरासत केंद्र में भेज दिया गया. वकील का कहना है कि बच्चे को हिरासत में लेना न केवल अमानवीय है, बल्कि कानून की भावना के भी खिलाफ है.

घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया. इनमें हथियारों से लैस संघीय अधिकारी एक छोटे बच्चे को पकड़े हुए नजर आ रहे हैं, जिसने नीली टोपी और स्पाइडर-मैन डिजाइन वाला स्कूल बैग पहन रखा है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब लियाम और उसके पिता प्रीस्कूल से लौट रहे थे तभी नकाबपोश एजेंटों ने उनके घर के सामने पिता को रोककर हिरासत में ले लिया.

स्थानीय लोगों ने क्या दावा किया? 

स्थानीय लोगों ने दावा किया कि अधिकारियों ने बच्चे की मौजूदगी का इस्तेमाल उसकी मां को घर से बाहर लाने के लिए करने की कोशिश की. हालांकि, बच्चे के पिता ने अपनी पत्नी को घर के अंदर ही रहने की सलाह दी ताकि उसे भी हिरासत में न लिया जाए. स्कूल बोर्ड की अध्यक्ष मैरी ग्रैनलंड ने बताया कि स्कूल प्रशासन, परिवार के अन्य वयस्क सदस्य और यहां तक कि पड़ोसियों ने भी बच्चे को अपने संरक्षण में लेने की पेशकश की, लेकिन आईसीई एजेंटों ने किसी को भी इसकी अनुमति नहीं दी.

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अधीक्षक ज़ेना स्टेनविक ने इसे बेहद चिंताजनक बताया. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक पांच वर्षीय बच्चे को हिरासत में लेने की जरूरत क्या थी. उनके शब्दों में, ऐसे बच्चे को हिंसक अपराधी के रूप में देखना न केवल अनुचित है, बल्कि मानवीय मूल्यों के भी खिलाफ है. इस घटना ने अमेरिका में प्रवासी नीति और बच्चों के अधिकारों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है.

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