नेपाल में राजा ज्ञानेंद्र की रैली में दिखे योगी आदित्यनाथ के पोस्टर, खड़ा हुआ विवाद

रैली के आयोजकों का कहना है कि उन्होंने आदित्यनाथ की तस्वीर के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी थी. उनके अनुसार, प्रतिभागियों को केवल राष्ट्रीय ध्वज और ज्ञानेंद्र की तस्वीर का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया था.

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

काठमांडू में देश के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह के स्वागत समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक पोस्टर देखे जाने के बाद नेपाल में विवाद खड़ा हो गया है. यह पोस्टर पूर्व राजा द्वारा राष्ट्र के भविष्य को 'सुरक्षित' करने के लिए समर्थन की पहली प्रत्यक्ष अपील के कुछ दिनों बाद आया है. नेपाल पहुंचने के कुछ ही दिनों बाद ज्ञानेंद्र की काठमांडू रैली को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, जो भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रही है.

रैलियों में विदेशी नेताओं की तस्वीरों का नहीं करते इस्तेमाल

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के समर्थकों के अनुसार, पूर्व नरेश की रैली में आदित्यनाथ का पोस्टर उनके पीछे 'भारत का हाथ' होने का सबूत है, जिससे सभा की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं. इस बीच नेपाल के काठमांडू में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ओली ने आदित्यनाथ का नाम लिए बिना कहा, “हम अपनी रैलियों में विदेशी नेताओं की तस्वीरों का इस्तेमाल नहीं करते हैं.

मौजूदा सरकार की बताई साजिश

राजशाही समर्थक दलों ने आरोप लगाया कि यूपी के सीएम के पोस्टर “लगाए गए” थे, और इसे मौजूदा सरकार की साजिश बताया. संदेश में भारत का नाम घसीटे जाने से विवाद निश्चित रूप से एक झगड़े में बदल गया है. रैली के आयोजकों का कहना है कि उन्होंने आदित्यनाथ की तस्वीर के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी थी. उनके अनुसार, प्रतिभागियों को केवल राष्ट्रीय ध्वज और ज्ञानेंद्र की तस्वीर का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया था. पूर्व मंत्री और राजशाही समर्थक दीपक ग्यावली के हवाले से कहा, "हम इतने कमजोर नहीं हैं कि हमें अपने जुलूस में किसी विदेशी की तस्वीर का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़े."

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