ईरान में खून की होली! 45 से ज्यादा मौतें, इंटरनेट पूरी तरह बंद; ट्रंप का भी फूटा गुस्सा
ईरान में पिछले 12 दिनों से देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर रहे हैं. ऐसे में 8 जनवरी की रात को अचानक पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई. इसी बीच ट्रंप का बयान भी सामने आया है.

नई दिल्ली: ईरान इन दिनों बड़े विरोध प्रदर्शनों की चपेट में है. पिछले 12 दिनों से देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर रहे हैं. गुरुवार रात को अचानक पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई. इससे प्रदर्शनकारियों का आपस में संपर्क टूट गया और बाहर की दुनिया तक खबरें पहुंचना मुश्किल हो गया. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 45 लोगों की जान जा चुकी है. इनमें बच्चे भी शामिल हैं.
विरोध की शुरुआत कैसे हुई?
यह अशांति 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के बाजार से शुरू हुई. ईरान की मुद्रा रियाल की कीमत बहुत गिर गई है. सालाना महंगाई दर 42 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है. देश अभी 2024 में इजरायल के साथ हुए युद्ध के असर और लंबे समय के आर्थिक प्रतिबंधों से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है.
ऊपर से बिजली कटौती और ईंधन की कमी ने लोगों का गुस्सा बढ़ा दिया. लोग महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है. प्रदर्शन पहले आर्थिक मुद्दों पर थे, लेकिन अब ये सरकार बदलने की मांग तक पहुंच गए हैं.
क्यों बंद किया गया इंटरनेट?
निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने लोगों से बड़े प्रदर्शन करने की अपील की थी. उनके इस आह्वान के ठीक बाद सरकार ने इंटरनेट बंद कर दिया. सरकार का मकसद है कि प्रदर्शनकारी एक-दूसरे से जुड़ न पाएं और देश के हालात की खबरें बाहर न जाएं. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि लैंडलाइन फोन भी कुछ जगहों पर काट दिए गए. इससे लोग और अलग-थलग पड़ गए हैं.
क्राउन प्रिंस की भूमिका
रजा पहलवी 1979 की क्रांति में सत्ता से हटाए गए शाह के बेटे हैं. वे विदेश में रहते हैं और अब विरोध का एक बड़ा चेहरा बनकर उभरे है. उन्होंने लोगों से सड़कों पर उतरने और एकजुट होने की अपील की. प्रदर्शनों में "तानाशाह मुर्दाबाद" के साथ-साथ पुराने शाह के समय की तारीफ वाले नारे भी लग रहे है. पहलवी ने इंटरनेट बंद करने की निंदा की और कहा कि सरकार डरी हुई है.
सुरक्षा बलों की सख्ती और मौतें
सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर गोली चला रहे है. मानवाधिकार समूहों के अनुसार, 45 से ज्यादा लोग मारे गए है. हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी संख्या 2,200 से ऊपर बताई जा रही है. ईरान के मुख्य न्यायाधीश ने चेतावनी दी है कि सरकार के खिलाफ जाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा.
ट्रंप का गुस्सा और चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस मामले पर बहुत नाराज हैं. उन्होंने ईरानी सरकार को साफ चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई या उन्हें मारा गया तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा. ट्रंप ने कहा कि ईरानी लोग बहादुर हैं और अगर सरकार ने हिंसा की तो बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने ईरान की अर्थव्यवस्था को बहुत कमजोर बताया.


