यदि आप दुरुपयोग करते हैं...भारत में अमेरिकी दूतावास ने बी1 और बी2 वीजा होल्डर्स को जारी की चेतावनी
भारत में अमेरिकी दूतावास ने बी1/बी2, छात्र और वर्क वीज़ा धारकों को नियमों के पालन की सख्त चेतावनी दी है. उल्लंघन पर वीज़ा रद्द, निर्वासन और भविष्य में अमेरिका प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध लग सकता है.

नई दिल्लीः भारत में अमेरिकी दूतावास ने अमेरिका की यात्रा की योजना बना रहे बी1/बी2 विज़िटर वीज़ा आवेदकों और धारकों के लिए एक कड़ी चेतावनी जारी की है. दूतावास ने साफ कहा है कि अमेरिका जाने वाले हर व्यक्ति को यह अच्छी तरह समझना चाहिए कि विज़िटर वीजा पर उन्हें किन गतिविधियों की अनुमति है और किनकी नहीं. नियमों की अनदेखी न केवल मौजूदा यात्रा को प्रभावित कर सकती है, बल्कि भविष्य में अमेरिका जाने के रास्ते भी हमेशा के लिए बंद कर सकती है.
एनिमेटेड वीडियो के जरिए दी गई जानकारी
अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक एनिमेटेड वीडियो साझा किया, जिसमें बताया गया कि वीज़ा इंटरव्यू के दौरान कांसुलर अधिकारी किन आधारों पर आवेदन खारिज कर सकते हैं. वीडियो में कहा गया कि यदि अधिकारी को यह संदेह हो जाए कि आवेदक विज़िटर वीज़ा के नियमों का पालन नहीं करेगा, तो उसका आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है. दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि बी1/बी2 वीज़ा मिलने के बाद उसकी सही और सीमित उपयोग की जिम्मेदारी पूरी तरह वीज़ा धारक की होती है.
वीजा का दुरुपयोग पड़ सकता है भारी
दूतावास ने चेतावनी देते हुए कहा कि बी1/बी2 वीज़ा पर अमेरिका यात्रा करने से पहले यह जानना बेहद ज़रूरी है कि क्या किया जा सकता है और क्या नहीं. अगर कोई व्यक्ति वीज़ा का दुरुपयोग करता है या तय समय से अधिक अमेरिका में रुकता है, तो उस पर भविष्य में स्थायी यात्रा प्रतिबंध लगाया जा सकता है. अधिक जानकारी के लिए आवेदकों को आधिकारिक वेबसाइट travel.state.gov/visas पर जाने की सलाह दी गई है.
छात्रों के लिए भी जारी हुई सख्त चेतावनी
इस चेतावनी से एक दिन पहले ही अमेरिकी दूतावास ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों को भी आगाह किया था. दूतावास ने कहा कि अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करने वाले छात्रों का वीज़ा रद्द किया जा सकता है और उन्हें देश से बाहर निकाला जा सकता है. यहां तक कि भविष्य में वे किसी भी अमेरिकी वीज़ा के लिए अयोग्य भी ठहराए जा सकते हैं.
वीजा अधिकार नहीं, एक विशेषाधिकार
दूतावास ने अपने संदेश में दो टूक कहा कि अमेरिकी वीज़ा कोई अधिकार नहीं बल्कि एक विशेषाधिकार है. कानून तोड़ने या गिरफ्तारी की स्थिति में छात्र वीजा पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जिनमें निर्वासन और स्थायी अयोग्यता तक शामिल है.
वर्क वीजा पर भी सख्ती
पिछले सप्ताह अमेरिकी दूतावास ने एच-1बी और एच-4 वर्क वीज़ा चाहने वालों के लिए भी चेतावनी जारी की थी. इसमें कहा गया था कि अमेरिकी आव्रजन कानूनों के उल्लंघन पर कठोर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है.
सख्त नीतियों का असर
ये सभी चेतावनियां ऐसे समय में आई हैं, जब अमेरिका में अवैध आप्रवासन पर सख्ती बढ़ाई जा रही है और छात्र तथा वर्क वीज़ा प्रक्रियाओं को और कठोर बनाया गया है. इसका असर यह हुआ है कि पिछले वर्ष अमेरिका में नए अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में करीब 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. खासतौर पर भारत से जाने वाले छात्रों की संख्या में कमी देखी गई है.
लंबा इंतजार झेल रहे एच-1बी आवेदक
वहीं दूसरी ओर, कुशल विदेशी कामगारों के लिए एच-1बी वीज़ा का इंतजार पहले से कहीं ज्यादा लंबा हो गया है. आवेदकों को अब अभूतपूर्व प्रतीक्षा अवधि का सामना करना पड़ रहा है, जिससे अमेरिका में काम करने की योजना बना रहे लोगों की चिंता और बढ़ गई है.


