सोने से पहले फोन छोड़ना मुश्किल लग रहा है? ये आसान टिप्स लाएंगी गहरी और सुकून भरी नींद
अगर आप अच्छी नींद नहीं ले पा रहे, तो अनजाने में कई मानसिक और शारीरिक बीमारियों को न्योता दे रहे हैं. सवाल ये है कि स्क्रीन टाइम को कैसे कम करें और सोने से कितनी देर पहले मोबाइल-स्क्रीन बंद कर दें?

आजकल हमारा ज्यादातर समय फोन, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन के सामने बीत रहा है. इससे हमारी नींद बुरी तरह प्रभावित हो रही है. ज्यादातर लोग रात में गहरी और अच्छी नींद नहीं ले पा रहे हैं. सोने से ठीक पहले स्क्रीन देखने की आदत नींद की सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी है. हेल्थ एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि अगर इस आदत को नहीं छोड़ा गया तो मानसिक और शारीरिक कई बीमारियां घर कर सकती हैं. सवाल यह है कि स्क्रीन टाइम को कैसे कम करें और सोने से कितनी देर पहले इन डिवाइसेज को बंद कर देना चाहिए? आइए विस्तार से समझते हैं कि ब्लू लाइट हमारी नींद को कैसे बर्बाद कर रही है और इसे नियंत्रित करने के लिए क्या करना चाहिए.
स्क्रीन टाइम नींद को कैसे बिगाड़ रहा है?
सोने से ठीक पहले फोन, लैपटॉप या टीवी देखने का सबसे बड़ा नुकसान ब्लू लाइट से होता है. यह नीली रोशनी हमारे दिमाग को यह संकेत देती है कि अभी दिन है. नतीजतन शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन का उत्पादन रुक जाता है, जो अच्छी नींद के लिए जरूरी है. इस वजह से नींद आने में देरी होती है, नींद बार-बार टूटती है और सुबह उठने पर थकान महसूस होती है. लंबे समय तक यह आदत जारी रहने से तनाव, चिड़चिड़ापन, याददाश्त कमजोर होना और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने लगती हैं.
सोने से कितनी देर पहले बंद करें स्क्रीन?
हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह है कि सोने से कम से कम एक घंटा पहले सभी स्क्रीन बंद कर देनी चाहिए. यह नियम थोड़ा सख्त लग सकता है, लेकिन इसे अपनाने से नींद की क्वालिटी में जबरदस्त सुधार होता है.
फिक्स टाइम सेट करें सोने का
अच्छी नींद के लिए सबसे जरूरी है कि अपना सोने का समय फिक्स रखें. उदाहरण के लिए अगर आप रात 10 बजे सोने का फैसला कर लें तो 9 बजे से ही सभी स्क्रीन बंद कर दें. जब सोने का समय तय नहीं होता, तब स्क्रीन टाइम कंट्रोल करना बहुत मुश्किल हो जाता है.
फोन को बेड से दूर रखें
ज्यादातर लोग बेड के पास या तकिए के नीचे फोन रखकर सोते हैं. इससे नोटिफिकेशन आने पर बार-बार स्क्रीन चेक करने की आदत पड़ जाती है. बेहतर है कि फोन को बेड से कम से कम 2-3 मीटर दूर रखें. कई अध्ययनों में पाया गया है कि बेड के पास फोन रखकर सोना स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है.
रिलैक्सिंग नाइट रूटीन बनाएं
स्क्रीन बंद करने के बाद एक घंटे को खाली न छोड़ें. इसके बजाय एक आरामदायक नाइट रूटीन बनाएं. किताब पढ़ना, हल्का मेडिटेशन करना, परिवार से बात करना, स्किनकेयर करना या हल्का संगीत सुनना जैसी गतिविधियां नींद आने में मदद करती हैं.
नाइट मोड और वार्म लाइटिंग का इस्तेमाल
अगर रात में कोई जरूरी काम हो तो फोन का नाइट मोड या ब्लू लाइट फिल्टर ऑन कर लें. साथ ही कमरे में ब्राइट सफेद लाइट की जगह हल्की पीली या वार्म लाइटिंग का इस्तेमाल करें. इससे आंखों पर कम दबाव पड़ता है और शरीर धीरे-धीरे नींद के लिए तैयार होता है.
छोटी शुरुआत से बड़े नतीजे
अचानक एक घंटा स्क्रीन बंद करना मुश्किल लग सकता है. इसलिए शुरुआत आधा घंटा पहले स्क्रीन बंद करने से करें. फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाते जाएं. ये छोटी-छोटी आदतें ही लंबे समय में आपकी नींद और स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बना देंगी.


