पैरों में बार-बार होती है खुजली तो न करें नजरअंदाज, इस खतरनाक बीमारी का है संकेत

पैरों या हाथों में होने वाली खुजली को अधिकतर लोग नजरअंदाज कर देते है, यह सोचकर कि यह मौसम, सूखी त्वचा या एलर्जी का नतीजा हो सकता है. ऐसे में विशेषज्ञों ने एक बड़ी जानकारी साझा की है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: पैरों या हाथों में होने वाली खुजली को अधिकतर लोग मौसम, सूखी त्वचा या एलर्जी का नतीजा मान लेते हैं. लेकिन जब यह खुजली लगातार बनी रहे, रैश न हों और वजह भी समझ न आए, तो यह हल्की समस्या नहीं बल्कि भीतर छिपी किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. खासतौर पर तलवों और हथेलियों में होने वाली लगातार खुजली कई बार लिवर की कमजोरी या लिवर रोग का शुरुआती लक्षण होती है.

लिवर खराब होने पर क्यों होती है खुजली?

जब लिवर सही तरह से काम नहीं करता, तो शरीर में बाइल एसिड और टॉक्सिन्स बढ़ने लगते हैं. ये त्वचा की नसों को चिढ़ाते हैं, जिससे पैरों और हाथों में गहरी और लगातार खुजली महसूस होती है. इस तरह की खुजली को मेडिकल भाषा में कोलेस्टैटिक प्र्यूरिटस कहा जाता है. इसमें कई बार त्वचा पर कोई निशान भी नहीं दिखाई देते. 

1. बाइल सॉल्ट का जमा होना

लिवर कमजोर पड़ने पर बाइल सॉल्ट फिल्टर नहीं हो पाते और त्वचा के नीचे जमा हो जाते हैं. इससे नसें प्रभावित होती हैं और खुजली शुरू हो जाती है. हालांकि हर मरीज में लक्षणों की तीव्रता अलग होती है.

2. हिस्टामीन का बढ़ जाना

कई मरीजों में हिस्टामीन का स्तर बढ़ा हुआ मिलता है, फिर भी एंटीहिस्टामीन दवाएं इस तरह की खुजली में अक्सर असर नहीं करतीं, इसलिए इसे सामान्य एलर्जी समझने की गलती नहीं करनी चाहिए. 

3. सेरोटोनिन का प्रभाव

कुछ विशेषज्ञ बताते हैं कि सेरोटोनिन नर्व सिस्टम को प्रभावित कर खुजली की तीव्रता बढ़ा सकता है. इसी कारण लिवर से जुड़ी खुजली कई बार लंबे समय तक बनी रहती है.

4. गर्भावस्था या हार्मोनल बदलाव

प्रेग्नेंसी या हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के दौरान होने वाले हार्मोनल परिवर्तन भी बाइल फ्लो को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे खुजली बढ़ जाती है. ऐसे में आइयें जानते है इसकी पहचान आप कैसे कर सकते हैं.

कैसे पहचानें कि खुजली लिवर की वजह से है?

खुजली बिना रैश के होती है, रात के समय अधिक बढ़ जाती है, शुरुआत हाथों और पैरों के तलवों से होती है,छह हफ्ते से ज्यादा बनी रहे तो यह क्रॉनिक प्र्यूरिटस की श्रेणी में आती है. अगर इसके साथ थकान, भूख न लगना, आंखों या त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया) जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.

खुजली कम करने के आसान उपाय

खुजली कम करने के आसान उपाय यह है कि त्वचा को बार-बार न खुजलाएं, इससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है. रात में खुजली अधिक होती है तो हल्के दस्ताने पहनकर सोएं, गुनगुने या ठंडे पानी से नहाएं, गर्म पानी से बचें और सर्द मौसम में कमरे में ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें. 
 

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