Magh Mela 2026: 75 साल बाद बन रहा दुर्लभ शुभ संयोग, मकर संक्रांति का स्नान होगा सबसे खास

प्रयागराज में हर साल लगने वाला माघ मेला न सिर्फ़ धार्मिक आस्था का केंद्र होता है, बल्कि इसे आत्म-शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का एक बड़ा त्योहार भी माना जाता है। माघ मेला 2026 कई मायनों में खास होने वाला है। इसका सबसे बड़ा कारण एक दुर्लभ और बहुत ही शुभ ज्योतिषीय संयोग है जो 75 साल बाद बनेगा।

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली: प्रयागराज में हर साल लगने वाला माघ मेला न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र होता है, बल्कि इसे आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का महापर्व भी माना जाता है. माघ मेला 2026 इस बार कई मायनों में खास होने जा रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह है 75 वर्षों बाद बनने वाला एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ ज्योतिषीय संयोग, जो इस मेले को और भी पुण्यदायी बना देगा. श्रद्धालुओं के लिए यह समय गंगा स्नान, दान-पुण्य और साधना के लिहाज से अत्यंत फलदायी माना जा रहा है.

माघ मेले की शुरुआत पौष पूर्णिमा से होती है और इसका समापन महाशिवरात्रि पर होता है. वर्ष 2026 में माघ मेले का शुभारंभ 3 जनवरी से होगा. धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में गंगा स्नान करने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि व्यक्ति को मानसिक शांति और आध्यात्मिक बल भी प्राप्त होता है.

माघ मेला 2026 का विशेष शुभ संयोग

इस वर्ष माघ माह की शुरुआत 4 जनवरी 2026, रविवार को हो रही है. इस दिन पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा, जिसे शास्त्रों में अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना गया है. पुनर्वसु नक्षत्र में माघ माह का आरंभ होना अपने आप में दुर्लभ संयोग है, जो सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल प्रदान करता है.

इसके साथ ही मकर संक्रांति के दिन एक और खास योग बन रहा है. जिस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे, उसी दिन शनि का अनुराधा नक्षत्र रहेगा. सूर्य और शनि के इस विशेष संबंध के कारण मकर संक्रांति का स्नान असाधारण पुण्यदायी माना जा रहा है. मान्यता है कि इस दिन स्नान करने से सूर्य का तेज और शनि की आध्यात्मिक शक्ति दोनों का लाभ मिलता है.

माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां

पौष पूर्णिमा: 3 जनवरी 2026

मकर संक्रांति: 14 जनवरी 2026
(15 जनवरी को भी संक्रांति स्नान मान्य)

मौनी अमावस्या: 18 जनवरी 2026

बसंत पंचमी: 23 जनवरी 2026

माघ पूर्णिमा: 1 फरवरी 2026

महाशिवरात्रि: 15 फरवरी 2026

क्या संक्रांति स्नान दो दिन होगा?

साल 2026 में सूर्य 14 जनवरी को दोपहर 3 बजे के बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे. इसी कारण 14 जनवरी को सायंकालीन संक्रांति स्नान और 15 जनवरी को प्रातःकालीन संक्रांति स्नान मान्य होगा. यही वजह है कि अलग-अलग स्थानों पर संक्रांति स्नान की तारीख 14 और 15 जनवरी बताई जा रही है.

कुल मिलाकर, माघ मेला 2026 श्रद्धा, आस्था और दुर्लभ शुभ योगों का अनोखा संगम बनने जा रहा है, जो भक्तों के लिए एक विशेष आध्यात्मिक अवसर साबित होगा.

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