7 साल की उम्र में ही ले ली दीक्षा... नहीं देखा होगा भक्ति का ऐसा समर्पण, वायरल हुए छोटा नागा साधु
महाकुंभ 2025 में छोटे नागा बाबाओं की काफी चर्चा हुई. विशेषकर 10 साल के शिवानंद गिरी महाराज की, जिन्होंने अपनी शिव भक्ति और वैराग्य से सभी को प्रेरित किया. महज 7 साल की उम्र में दीक्षा लेने वाले इन बाल साधु ने दिखाया कि आस्था और भक्ति की कोई उम्र नहीं होती.

महाकुंभ भारत का सबसे बड़ा आध्यात्मिक उत्सव है, जहां आस्था, भक्ति और संस्कृति का मिलन होता है. यहां देशभर से साधु-संत, नागा बाबा, वैरागी और लाखों श्रद्धालु आते हैं. इसके साथ ही, आपको यहां भक्ति के हर रंग और रूप का अद्भुत नज़ारा देखने को मिल जाएगा. वहीं, इस बार कुछ नागा साधु, साध्वी और बाबा चर्चा का विषय बन गए. इसी में छोटे नागा बाबाओं की भी खूब चर्चा हुई. जिसमें एक नाम हैं शिवानंद गिरी महाराज का, जो महज 10 साल के हैं.
7 साल की उम्र में दीक्षा
शिवानंद गिरी महाराज ने 7 साल की उम्र में नागा साधु अखाड़ा से दीक्षा ग्रहण की थी. आज वे बाकी नागा साधुओं के साथ कुंभ स्नान के लिए आए. उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. लोग उनके दृढ़ निश्चय और शिव भक्ति की गहराई को देखकर उन्हें नमन कर रहे हैं.
महाकुंभ में छोटे बाल साधुओं की उपस्थिति
इस बार महाकुंभ में कई छोटे बाबा देखने को मिले, जो कुंभ स्नान के लिए आए थे. इन बाल साधुओं ने महाकुंभ को और भी भक्तिमय बना दिया. श्रद्धालु इनके दर्शन करने और आशीर्वाद लेने के लिए बड़ी उत्सुकता दिखा रहे हैं.
आस्था की कोई उम्र नहीं
इन छोटे नागा बाबाओं की कहानी यह सिखाती है कि वैराग्य और आध्यात्म किसी उम्र के मोहताज नहीं होते. अगर मन में सच्ची लगन और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास हो, तो किसी भी उम्र में इस मार्ग पर चला जा सकता है. शिवानंद गिरी महाराज और अन्य बाल साधु इसके उदाहरण हैं.
भक्ति और वैराग्य का संदेश
महाकुंभ 2025 में छोटे नागा बाबाओं की उपस्थिति ने साबित कर दिया कि भक्ति का मार्ग हर उम्र और हर व्यक्ति के लिए खुला है. उनकी कहानियां ना केवल प्रेरणादायक हैं, बल्कि आध्यात्मिकता की गहराई को भी उजागर कर रही है.


