U19 वर्ल्ड कप में 51 गेंदों में शतक, ऑस्ट्रेलिया के इस खिलाड़ी ने रच दिया इतिहास
ऑस्ट्रेलिया के विल मालाचेक ने जापान के खिलाफ अंडर-19 वर्ल्ड कप में 51 गेंदों में शतक लगाकर इतिहास रच दिया. उनकी पारी की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से जीत हासिल की और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.

अंडर-19 क्रिकेट में हाल के महीनों में बल्लेबाजों का आक्रामक अंदाज देखने को मिला है. पहले भारत के वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वनडे में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बनाया, जिसे कुछ ही समय बाद पाकिस्तान के समीर मिन्हास ने तोड़ दिया. अब इस कड़ी में ऑस्ट्रेलिया के युवा ओपनर विल मालाचेक का नाम जुड़ गया है, जिन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे तेज शतक जड़कर सभी को चौंका दिया है.
विल मालाचेक ने की विस्फोटक बल्लेबाजी
18 वर्षीय विल मालाचेक ने जापान के खिलाफ खेले गए अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप मुकाबले में विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया. इस मैच में उन्होंने सिर्फ 55 गेंदों पर 102 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और 5 छक्के शामिल थे. खास बात यह रही कि उन्होंने अपना शतक महज 51 गेंदों में पूरा कर लिया. यह उपलब्धि उन्हें अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने वाला बल्लेबाज बनाती है. इससे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के कासिम अकरम के नाम था, जिन्होंने 2022 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के खिलाफ 63 गेंदों में शतक लगाया था. मालाचेक ने 12 गेंद कम खेलकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.
अगर अंडर-19 वनडे क्रिकेट में सबसे तेज शतकों की बात करें, तो इस सूची में अब विल मालाचेक का नाम शीर्ष पर आ गया है. हालांकि, ओवरऑल अंडर-19 वनडे क्रिकेट में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड अब भी पाकिस्तान के समीर मिन्हास के पास है, जिन्होंने 41 गेंदों में यह कारनामा किया था. भारत के वैभव सूर्यवंशी इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 52 गेंदों में अपना शतक पूरा किया था. इस तरह युवा क्रिकेट में तेजतर्रार बल्लेबाजी का स्तर लगातार ऊंचा होता जा रहा है.
ऑस्ट्रेलिया ने जापान पर बनाया दबदबा
मैच की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया ने जापान पर पूरी तरह दबदबा बनाया. पहले बल्लेबाजी करते हुए जापान की टीम ने 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 201 रन बनाए. लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शानदार शुरुआत की और महज 29.2 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया. ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला 8 विकेट से जीत लिया और उसके पास 125 गेंदें शेष रहीं. विल मालाचेक की इस ऐतिहासिक पारी के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया.


