सांसद मलविंदर कंग ने PM को पत्र लिखकर भाजपा नेताओं द्वारा फैलाए गए फर्जी वीडियो में दखल देने की मांग की
आम आदमी पार्टी के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फर्जी और एडिटेड वीडियो के जरिए सिखों की धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि फोरेंसिक जांच से वीडियो झूठी साबित हो चुकी है.

पंजाब : आम आदमी पार्टी के श्री आनंदपुर साहिब से लोकसभा सांसद मलविंदर सिंह कंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फर्जी और एडिट की गई वीडियो के जरिए सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है. कंग ने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि सिख धर्म और उसके मूल मूल्यों पर किया गया एक गंभीर हमला है.
फोरेंसिक जांच से फर्जीवाड़े की पुष्टि
सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश का आरोप
मलविंदर सिंह कंग ने इस पूरे प्रकरण को सांप्रदायिक सौहार्द को भड़काने की एक खतरनाक और सोची-समझी साजिश बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह फर्जी वीडियो भाजपा नेता कपिल मिश्रा द्वारा सिखों की धार्मिक भावनाओं को हथियार बनाकर फैलाया गया, ताकि लोगों में गुस्सा पैदा किया जा सके और राजनीतिक लाभ उठाया जा सके. कंग के अनुसार, यह कोई गलती या भ्रम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित धोखाधड़ी है.
सिख धर्म और मूल्यों पर सीधा हमला
कंग ने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए झूठ और हेरफेर के जरिए सिख गुरुओं की पवित्रता का इस्तेमाल करना एक अक्षम्य नैतिक अपराध है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मामला केवल किसी व्यक्ति विशेष की छवि खराब करने का नहीं है, बल्कि सिख धर्म और उसके सिद्धांतों पर सीधा प्रहार है, जिसे किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
सिख गुरुओं के बलिदान की याद दिलाई
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कंग ने सिख गुरुओं के इतिहास और बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कभी सत्ता या विशेषाधिकारों के लिए नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, मानव गरिमा और अंतरात्मा की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी. उन्होंने कहा कि सिख समुदाय देश की नैतिक रीढ़ रहा है और जब उसके विश्वास पर हमला होता है, तो वह चुप्पी नहीं, बल्कि न्याय की अपेक्षा करता है.
शहीदी दिवस के समय घटना को बताया बेहद दुखद
आप सांसद ने इसे और भी दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह घटना ऐसे समय सामने आई, जब सिख समुदाय गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मना रहा था. उन्होंने कहा कि धार्मिक आज़ादी के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले गुरु के स्मरण काल में इस तरह की हरकतें नैतिकता के सबसे बड़े उल्लंघन के समान हैं.
प्रधानमंत्री से सीधी अपील
मलविंदर सिंह कंग ने प्रधानमंत्री की अंतरात्मा और नेतृत्व से अपील करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में चुप्पी या लापरवाही को सहमति के रूप में देखा जा सकता है. उन्होंने मांग की कि कपिल मिश्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिसमें उन्हें सभी पदों से हटाना और उनके कृत्य की सार्वजनिक निंदा शामिल हो. कंग ने कहा कि इससे यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि गुरुओं की पवित्रता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और कोई भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा धर्म से ऊपर नहीं है.
भरोसा बहाल करने की जरूरत
अपने पत्र के अंत में कंग ने कहा कि प्रधानमंत्री का समय पर हस्तक्षेप सिख समुदाय में भरोसा बहाल करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि जिन आदर्शों के लिए सिख गुरुओं ने बलिदान दिए, वे आज के भारत में भी सुरक्षित रहें. उन्होंने दोहराया कि पंजाब कभी भी राजनीतिक लाभ के लिए समाज को बांटने या धार्मिक मान्यताओं को बदनाम करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगा और सच्चाई, सद्भाव और न्याय के पक्ष में मजबूती से खड़ा रहेगा.


