पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पुल विस्फोट, आसपास के क्षेत्रों से टूटा संपर्क...लोगों का जीवन हुआ अस्त-व्यस्त

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तर वजीरिस्तान में अज्ञात हमलावरों ने एक अहम पुल को विस्फोट से उड़ा दिया, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया. घटना से आम लोगों, छात्रों, मरीजों और व्यापारियों को भारी परेशानी हुई. सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक बार फिर बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए अज्ञात हमलावरों ने बड़ा हमला किया है. उत्तर वजीरिस्तान जिले की मीर अली तहसील के खुशाली (मकीना) गांव में देर रात एक अहम पुल को विस्फोटकों से उड़ा दिया गया. इस घटना के बाद आसपास के कई इलाकों का आपसी संपर्क पूरी तरह टूट गया, जिससे आम लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है.

घटना के बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई

विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेर लिया गया. अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोटकों का इस्तेमाल किस तरह किया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं. पुलिस के मुताबिक, पुल के पूरी तरह ध्वस्त हो जाने से क्षेत्र में आवागमन ठप हो गया है और हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.

आम लोगों की जिंदगी पर गहरा असर
पुल टूटने का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और महिलाओं पर पड़ा है. बच्चों के लिए स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है, वहीं बीमार लोगों को अस्पताल तक ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अब उन्हें लंबे और कठिन वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है. इसके अलावा व्यापार और कृषि गतिविधियां भी बाधित हुई हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है.

स्थानीय लोगों में आक्रोश और मांगें
इस हमले के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों देखी जा रही है. निवासियों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है. साथ ही उन्होंने प्रशासन से पुल की तत्काल मरम्मत कराने और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

लगातार हो रहे हमलों से बढ़ी चिंता
यह घटना हाल के महीनों में उत्तर वजीरिस्तान और आसपास के इलाकों में बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है. इससे पहले 15 जनवरी को भी उत्तर वजीरिस्तान में एक पुल को विस्फोट से उड़ा दिया गया था. इसी तरह कुर्रम नदी पर स्थित एक महत्वपूर्ण पुल को भी अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया था. वह घटना शेवा तहसील में हुई थी, जिसके बाद मीरानशाह और बन्नू जैसे इलाकों से जमीनी संपर्क कट गया था.

भय और असुरक्षा का माहौल
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पुल के नीचे भारी मात्रा में विस्फोटक लगाए गए थे. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज कई मील दूर तक सुनी गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. यह पुल नागरिकों, छात्रों, व्यापारियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए एक प्रमुख मार्ग था. इसके नष्ट होने से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, जरूरी सामान की आपूर्ति और दैनिक व्यावसायिक गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ा है.

कानून-व्यवस्था पर उठते सवाल
लगातार हो रहे ऐसे हमलों ने उत्तर वजीरिस्तान जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं. प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती न सिर्फ दोषियों को पकड़ना है, बल्कि इलाके में लोगों का भरोसा बहाल करना और सामान्य जनजीवन को पटरी पर लौटाना भी है.

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