हमें खतरे में डाल पीछे हट गए ट्रंप...अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमें धोखा दिया, US प्रेसिडेंट के रुख बदलने से नाराज हुए प्रदर्शनकारी

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर अपनी बात से किनारा ले लिया है, जिसके कारण काफी दिनों से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारी नाराजगी जता रहे हैं.

Sonee Srivastav

ईरान में हाल के बड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोग सड़कों पर उतरे थे. इनमें से कई प्रदर्शनकारियों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से मदद की बड़ी उम्मीद थी. ट्रंप के शुरुआती बयानों ने उन्हें लग रहा था कि अमेरिका इस बार उनका साथ देगा और ईरानी सरकार पर दबाव डालेगा.

लेकिन जब ट्रंप ने अचानक अपना रुख बदल दिया, तो प्रदर्शनकारियों में गहरा गुस्सा और निराशा फैल गई. अब कई लोग खुलकर कह रहे हैं कि ट्रंप ने उन्हें धोखा दिया और अकेला छोड़ दिया. 

ट्रंप के बयानों से उभरी उम्मीद

जब ईरान में प्रदर्शन तेज हुए, तब ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए. उन्होंने कहा कि अमेरिका शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ है. अगर ईरानी सरकार ने हिंसा की तो अमेरिका तैयार है. एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि "मदद रास्ते में है". इन शब्दों को कई ईरानियों ने सैन्य मदद या मजबूत कार्रवाई के संकेत के रूप में लिया. इससे उत्साहित होकर और लोग सड़कों पर उतरे. कुछ जगहों पर प्रदर्शन और तेज हो गए.

उसी दौरान अमेरिका ने अपने क्षेत्रीय सैन्य अड्डे से गैर-जरूरी कर्मचारियों को हटाने का फैसला किया. इसे भी ईरान पर दबाव बनाने की तैयारी माना गया. प्रदर्शनकारियों को लगा कि अब अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलेगा. 

ईरान सरकार की सख्ती 

प्रदर्शन बढ़ते ही ईरानी सरकार ने इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी. सुरक्षा बलों को बड़े पैमाने पर तैनात किया गया. कई इलाकों में गोलीबारी की खबरें आई. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्नाइपर और मशीनगन का इस्तेमाल किया गया. दर्जनों लोग मारे गए और सैकड़ों लापता बताए गए. परिवार वाले रोते-बिलखते अपने लोगों को ढूंढ रहे हैं.

ट्रंप का अचानक बदला रुख

कुछ दिनों बाद ट्रंप का बयान बदल गया. उन्होंने कहा कि ईरानी नेताओं ने उन्हें भरोसा दिया है कि अब हत्याएं और फांसी नहीं होगी. अमेरिका अब कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा. यह बदलाव प्रदर्शनकारियों के लिए बहुत बड़ा झटका था. कई लोगों ने कहा कि ट्रंप के पहले बयानों ने उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए उकसाया, लेकिन बाद में पीछे हटकर उन्हें खतरे में डाल दिया. 

तेहरान के एक युवा ने कहा, "ट्रंप ने हमें तोप का चारा बना दिया. उनकी वजह से हमने इतनी हिम्मत दिखाई, लेकिन अब वे चुप हैं." एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, "हमने सारी उम्मीद ट्रंप पर लगा दी थी, लेकिन उन्होंने हमें धोखा दिया."

ईरानी सरकार ने भी ट्रंप का उड़ाया मजाक 

ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप के बयानों को कमजोर बताकर उनका मजाक उड़ाया. उन्होंने कहा कि अमेरिका कुछ नहीं कर सकता. इससे प्रदर्शनकारियों में और हताशा फैली. कुछ लोग मानते हैं कि ट्रंप का पीछे हटना कोई रणनीति हो सकती है, लेकिन ज्यादातर का कहना है कि आंदोलन अब कमजोर पड़ गया है.
 

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