ग्रेटर नोएडा में फैक्ट्री का जहरीला पानी पीने से 25 भेड़ों की मौत
ग्रेटर नोएडा के दनकौर में एक फैक्ट्री के जहरीले पानी के कारण 25 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है.

ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र में पर्यावरणीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है. चराई के दौरान एक फैक्ट्री के बाहर जमा जहरीले पानी को पीने से 25 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि अन्य भेड़ें गंभीर रूप से बीमार हो गईं. घटना न सिर्फ स्थानीय पशुपालकों के लिए बड़ा आर्थिक नुकसान है, बल्कि औद्योगिक इकाइयों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है. प्रशासन ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है.
भेड़ों ने पीया फैक्ट्री के बाहर जमा गंदा पानी
सोमवार दोपहर राजस्थान निवासी बाला सिंह अपनी भेड़ों को लेकर मोहम्मदपुर गुर्जर गांव के पास चराने गए थे. इसी दौरान उनकी भेड़ों ने पास ही स्थित फैक्ट्री के बाहर जमा गंदा पानी पी लिया. कुछ ही मिनटों में भेड़ों की तबीयत बिगड़ने लगी और 25 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई. बाकी भेड़ें दर्द से तड़पती नजर आईं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया.
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. दनकौर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और पशु चिकित्सकों को बुलाया गया. गंभीर हालत में मौजूद भेड़ों को तत्काल इलाज दिया गया. बाला सिंह और उनका परिवार इस घटना से सदमे में हैं और अपनी आजीविका को लेकर चिंतित हैं.
क्या है पीड़ित पक्ष का आरोप?
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाला पानी अत्यधिक जहरीला था. बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में कारों के उपकरणों की केमिकल से धुलाई की जाती थी और इस प्रक्रिया का गंदा पानी बिना किसी शोधन के बाहर छोड़ा जाता था. यही जहरीला पानी भेड़ों की मौत का कारण बना.
दनकौर थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की शिकायत मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है. फैक्ट्री से निकलने वाले पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं. रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना उपचार के छोड़ा गया औद्योगिक अपशिष्ट केवल पशुओं के लिए ही नहीं, बल्कि इंसानों के लिए भी खतरा बन सकता है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से फैक्ट्री पर कड़ी निगरानी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.


