झारखंड के अस्पताल में जर्जर इमारत गिरी, 3 की मौत

जमशेदपुर में एमजीएम अस्पताल की पुरानी और जर्जर इमारत का एक हिस्सा देर रात ढह गया, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश पर हादसे की जगह का निरीक्षण किया और कहा कि सरकार की पहली जिम्मेदारी पीड़ित परिवारों को संबल देना है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

झारखंड के जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल की पुरानी और जर्जर इमारत का एक हिस्सा शनिवार देर रात ढह गया, जिससे तीन लोगों की जान चली गई. घटना के वक्त मलबे में कुल 15 लोगों के फंसे होने की आशंका थी, जिनमें से 12 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि एक शव की तलाश अभी भी जारी है. मौके पर पुलिस, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है.

दो शव बरामद

पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने जानकारी दी कि मलबे से अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं और एक की तलाश जारी है. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और अस्पताल में मौजूद मरीजों व कर्मचारियों को दूसरी इमारतों में स्थानांतरित किया गया है.

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उन्होंने आपात बैठक कर राहत कार्य की निगरानी की और दोषियों पर कार्रवाई के लिए सात दिनों में रिपोर्ट मांगी है.

हरसंभव सहायता की मदद

अंसारी ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस हादसे में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है उन्हें सरकार हरसंभव सहायता देगी.

वहीं, भाजपा नेता प्रतुल शाह देव ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए इसे एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता करार दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार को इमारत के जर्जर होने की जानकारी थी, तो उसमें इलाज क्यों चल रहा था और समय रहते उसकी मरम्मत क्यों नहीं की गई?

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