AAP नेताओं की सुनील जाखड़ और परगट सिंह को चेतावनी, न्यायिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी
AAP ने अदालत की फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आतिशी से जुड़े छेड़छाड़ वाले वीडियो मामले में भाजपा और कांग्रेस नेताओं द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम की कड़ी निंदा की. पार्टी ने कहा कि न्यायिक फैसले को चुनौती देना कानून के शासन का उल्लंघन है और सोशल मीडिया पर झूठी अफवाहें निराधार हैं.

आम आदमी पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस के नेताओं द्वारा 'आप' नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से जुड़े छेड़छाड़ वाले वीडियो मामले को लेकर अदालत द्वारा जारी फोरेंसिक रिपोर्ट और आदेशों पर सवाल उठाने की कोशिशों की कड़ी आलोचना की है. पार्टी ने इसे जनता को गुमराह करने का प्रयास करार दिया.
AAP पंजाब अध्यक्ष ने क्या कहा?
AAP पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने पंजाब पुलिस द्वारा तैयार फोरेंसिक रिपोर्ट पर भाजपा के पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ के उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यह मामला अब राजनीतिक बहस से आगे बढ़कर सीधे अदालत के आदेशों को चुनौती देने के स्तर तक पहुंच चुका है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत ने स्टेट फोरेंसिक साइंस लैब द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की जांच के बाद पाया कि वायरल हुई वीडियो में छेड़छाड़ की गई थी और असली ऑडियो में कोई भी आपत्तिजनक शब्द मौजूद नहीं था. अदालत ने इसी आधार पर वीडियो को हटाने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ब्लॉक करने के आदेश जारी किए थे.
अरोड़ा ने जोर देकर कहा कि फोरेंसिक नतीजों पर सवाल उठाना किसी राजनीतिक पार्टी या सरकार पर प्रश्न उठाने के बराबर नहीं है, बल्कि यह सीधे अदालत के फैसले पर हमला है. उन्होंने कहा कि जब अदालत अपना निर्णय सुना चुकी है, तो उसके परिणामों को अस्वीकार करना केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि कानून के शासन (Rule of Law) का उल्लंघन है.
मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने क्या कहा?
सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारी का जवाब देते हुए 'आप' मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि झूठी अफवाहों को दोहराने से अदालत के तथ्य और निष्कर्ष बदल नहीं सकते. उन्होंने कहा कि अदालत ने फोरेंसिक सबूतों की पूरी जांच की और न्यायिक निर्णय रिकॉर्ड में दर्ज है. कोई भी राजनीतिक टिप्पणी इस निष्कर्ष को रद्द नहीं कर सकती.
भुल्लर ने कांग्रेसी नेता परगट सिंह के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि छेड़छाड़ किए गए कंटेंट के आधार पर धार्मिक भावनाओं को विवाद में घसीटना अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना है. उन्होंने कहा कि सिख समुदाय को सच्चाई और ईमानदारी की हकदार है, जाली क्लिप्स के लिए गुरु साहिबान का नाम प्रयोग करना उनके सम्मान के खिलाफ है.
AAP नेताओं ने परगट सिंह और सुनील जाखड़ से कहा कि लोकतांत्रिक जिम्मेदारी के तहत उन्हें राजनीतिक लाभ की परवाह किए बिना न्यायिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए और अदालत के फैसलों को स्वीकार करना चाहिए.


