एक करोड़ रोजगार योजना को मिली ताकत, बिहार में तीन नए विभागों का गठन
बिहार सीएम नीतीश कुमार ने राज्य में अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य घोषित किया है. इसके तहत राज्य सरकार ने तीन नए विभागों के गठन को मंज़ूरी दी है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य घोषित किया है. उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यापक कौशल विकास, उच्च-गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा और मज़बूत निगरानी तंत्र आवश्यक होगा. इसके तहत राज्य सरकार ने तीन नए विभागों के गठन को मंज़ूरी दी है.
कौन-कौन से तीन विभाग
इन तीन विभागों में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि इन विभागों के गठन से रोजगार सृजन और युवाओं के लिए नए अवसर बनाने में राज्य के प्रयासों को मजबूती मिलेगी.
कौशल विकास और उद्यमिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाएगा. विभाग आने वाले वर्षों में नौकरियों के अवसर बढ़ाने और नए व्यवसाय शुरू करने के लिए कई योजनाएं संचालित करेगा. उन्होंने बताया कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम निदेशालय और बिहार विपणन संवर्धन निगम की स्थापना का निर्णय लिया गया है. इन संस्थाओं से युवाओं को सरकारी नौकरियों और स्वरोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
एमएसएमई निदेशालय के तहत, प्रत्येक जिले में मेगा स्किल सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों से जुड़े क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देंगे. इससे युवाओं के लिए रोजगार का व्यापक आधार तैयार होगा.
उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार
नीतीश कुमार ने बताया कि नया उच्च शिक्षा विभाग शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा देगा. इसका उद्देश्य अनुसंधान को प्रोत्साहित करना, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा मजबूत करना और सभी सामाजिक-आर्थिक वर्गों के छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा सुलभ बनाना है.
नागरिक उड्डयन में नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कई नए हवाई अड्डे निर्माणाधीन हैं और नागरिक उड्डयन विभाग के गठन से इस प्रक्रिया में तेजी आएगी. इससे न केवल रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, बल्कि बिहार में निर्मित उत्पादों के निर्यात और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
विपणन और ग्रामीण उद्योगों को सशक्त बनाना
बिहार विपणन संवर्धन निगम कृषि, पशुपालन, बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, ग्रामीण उद्योग और लघु विनिर्माण के क्षेत्रों में उत्पादों की गुणवत्ता, वितरण और उपलब्धता को सुधारने में मदद करेगा. इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हजारों रोजगार सृजित होने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार युवाओं को कुशल, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी.


