नासिक TCS केस: निदा खान को कोर्ट से नहीं मिली राहत, अंतरिम सुरक्षा याचिका खारिज

नासिक के टीसीएस मामले में अदालत ने आरोपी निदा खान को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया और जवाब दाखिल करने के लिए 27 अप्रैल तक का समय दिया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नासिक में चर्चित टीसीएस मामले में आरोपी निदा खान को अदालत से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है. अदालत ने उनकी अंतरिम सुरक्षा की याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि इस स्तर पर उन्हें अस्थायी संरक्षण नहीं दिया जा सकता. दरअसल, खान की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका अभी लंबित है और उनकी कानूनी टीम ने अनुरोध किया था कि अंतिम फैसला आने तक उन्हें अंतरिम राहत दी जाए, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया.

जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग

सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत से लिखित जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा. अदालत ने इस मांग को मंजूरी देते हुए जवाब दाखिल करने के लिए 27 अप्रैल तक का समय दे दिया है. अब इस मामले में अगली सुनवाई इसी तारीख को होने की संभावना है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी.

अदालत कक्ष में हुई बहस के दौरान खान के वकील ने उनकी गर्भावस्था का मुद्दा उठाया और इसे अंतरिम राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बताया. उनका कहना था कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए. हालांकि, अभियोजन पक्ष ने इस दलील का कड़ा विरोध किया और कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी तरह की राहत देना उचित नहीं होगा.

अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान कुछ तस्वीरें भी पेश कीं, जिन्हें बीपीओ पिकनिक और ट्रिप से जुड़ा बताया गया. इन तस्वीरों के जरिए उन्होंने यह संकेत देने की कोशिश की कि आरोपों की जांच में कुछ अहम तथ्य सामने आए हैं. वहीं, बचाव पक्ष का तर्क था कि इन साक्ष्यों से आरोपों की पुष्टि नहीं होती और अब तक कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है.

बचाव पक्ष का क्या कहना है?  

इस मामले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) अधिनियम का लागू होना भी एक बड़ा विवाद का मुद्दा बना हुआ है. बचाव पक्ष का कहना है कि इस कानून के तहत लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं. वहीं, खान की ओर से पेश अधिवक्ता राहुल कसलीवाल ने कहा कि अग्रिम जमानत की सुनवाई में समय लग सकता है, इसलिए उन्होंने पहले अंतरिम सुरक्षा की मांग की थी.

दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि निदा खान की इस पूरे मामले में अहम भूमिका रही है. एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत मिलना आसान नहीं होगा. पुलिस ने यह भी कहा कि मामले में और भी पीड़ित हो सकते हैं, लेकिन कई लोग डर या सामाजिक दबाव के कारण सामने नहीं आ रहे हैं.

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